तृणमूल के मंत्रियों ने पीएम को सौंपे इस्तीफे 
कोलकाता। 
तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से यूपीए सरकार से अपना नाता खत्म कर लिया। डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और रिटेल में एफडीआई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के 6 मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपने इस्तीफे सौंप दिए। प्रधानमंत्री को इस्तीफे सौंपने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के पास जाएंगे और यूपीए सरकार से समर्थन वापसी का पत्र देंगे। 

इन्होंने छोड़ा मंत्री पद

मुकुल रॉय के नेतृत्व में 6 मंत्री प्रधानमंत्री के 7 रेस कोर्स स्थित आवास पर पहुंचे और अपने इस्तीफे सौंपे। जिन मंत्रियों ने इस्तीफे सौंपे उनमें मुकुल राय भी शामिल हैं जो रेल मंत्री थे। इसके अलावा सौगत राय,शिशिर अधिकारी,मोहन जटुआ,सुल्तान अहमद और सुदीप बंधोपाध्याय शामिल हैं। 

ममता ने रखी थी तीन शर्ते

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा की थी। उन्होंने इस फैसले पर फिर से विचार करने के लिए तीन शर्ते रखी थीं। उन्होंने मांग की है कि संप्रग खुदरा कारोबार में एफडीआई की अनुमति वापस ले,डीजल के मूल्यों में तीन से चार रूपए प्रति लीटर की कमी लाए और प्रति परिवार साल में 24 रसोई गैस सिलेंडर रियायती दर पर उपलब्धता सुनिश्चित करे। तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने से 545 सदस्यीय लोकसभा में यूपीए के सदस्यों की संख्या 273 से घटकर 254 रह गई थी लेकिन सपा और बसपा के बाहर से समर्थन देने के कारण यह आंकड़ा 300 के पार पहुंच गया है।

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