यूनिवर्सिटी बदली, बढ़ गई फीस
बाड़मेर
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय को संभागीय यूनिवर्सिटी बनाने के बाद एक ओर जहां संभाग के स्टूडेंट्स व कॉलेज प्रशासन के लिए दूरी की समस्या समाप्त हो गई तो दूसरी ओर अब परीक्षा आवेदन-पत्र भरने की प्रक्रिया में विद्यार्थियों के सामने बढ़ी हुई फीस नई समस्या बन गई है। बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, पाली व जोधपुर ग्रामीण जिलों के कॉलेजों में इस वर्ष ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के फस्र्ट ईयर में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स को दुगुना परीक्षा शुल्क चुकाना होगा। फीस में दुगुनी बढ़ोतरी होने के बाद सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग व किसान परिवार से आने वाले विद्यार्थी प्रभावित होंगे। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के आवेदन शुरू हो चुके है तथा नियमित छात्र-छात्राओं के लिए प्रक्रिया अब शुरू होनी है। ऐसे में यह तय नहीं है कि रेग्युलर स्टूडेंट को कितनी फीस वृद्धि का सामना करना पड़ेगा।
नियमित स्टूडेंट्स के मन में संशय: जेएनवीयू ने प्राइवेट एग्जाम फार्म की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथि 10 अक्टूबर रखी है। लेकिन अब तक कॉलेजों में नियमित विद्यार्थी रूप से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा फार्म भरने का कार्यक्रम तय नहीं किया गया है। ऐसे में रेग्युलर स्टूडेंट्स के मन में संशय है कि उन्हें कितना शुल्क चुकाना पड़ेगा। बीए प्रथम वर्ष में पढऩे वाले आवड़सिंह सोढ़ा के मुताबिक उन्हें घर से इतनी राशि नहीं मिलती है, जिससे दुगुना परीक्षा शुल्क चुका सके।
तो फिर निजी यूनिवर्सिटी से क्या फर्क!
जानकारों के अनुसार, महज जोधपुर शहर में क्षेत्राधिकार वाले जेएनवीयू में बाड़मेर सहित पांच जिलों के कॉलेज जुडऩे के बाद अब इसकी मुख्य परीक्षा में बैठने वालों की संख्या पचास हजार स्टूडेंट्स तक हो जाएगी। ऐसे में यूनिवर्सिटी को एग्जाम फीस के रूप में मोटी धनराशि मिलनी तय है। अब भी इतनी ज्यादा परीक्षा फीस निर्धारित की जाती है तो फिर निजी और गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी में क्या फर्क रहेगा?
जेएनवीयू से जुडऩे वाले कॉलेज स्टूडेंट्स को इस बार लगभग दुगुनी फीस चुकानी होगी, नियमित छात्रों की फीस अब तक तय नहीं
कितना अंतर?
गत वर्ष महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर से बीए फस्र्ट ईयर में प्राइवेट केटेगरी से फार्म भरने वाले स्टूडेंट को पंद्रह सौ रुपए बतौर परीक्षा शुल्क देना पड़ा था। अब जेएनवीयू से कॉलेज की संबद्धता मिलने के बाद इसी केटेगरी में 2550 रुपए के बैंक चालान के साथ ही पचास रुपए के डाक टिकट, 200 रुपए विकास शुल्क व 50 रुपए ऑनलाइन आवेदन के रूप में खर्च करने पड़ रहे है। इस प्रकार से बीए फस्र्ट ईयर में प्राइवेट छात्र के 2850 रुपए केवल परीक्षा फार्म पर खर्च होंगे।
विरोध किया जाएगा
॥बाड़मेर व जैसलमेर के कॉलेजों में पढऩे वाले छात्र किसान परिवार से संबंध रखते हैं। ऐसे में तीन हजार रुपए की मोटी फीस जमा करवाने में उन्हें परेशानी हो रही है। फीस में कमी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
भोमसिंह बलाई, छात्रनेता, पीजी कॉलेज
यह न्यायोचित नहीं है
॥जेएनवीयू को एक साथ पांच जिलों के कॉलेज से संबद्धता किए जाने के बाद यूनिवर्सिटी की आमदनी में पहले से ही इजाफा होना निश्चित है। फिर भी पूर्व यूनिवर्सिटी से दुगुना परीक्षा शुल्क वसूलना न्यायोचित नहीं है।ञ्जञ्ज
कीर्तिका चौहान, छात्रसंघ अध्यक्ष, एमबीसी गल्र्स कॉलेज
निर्देशानुसार कार्य
॥इस वर्ष स्नातक व स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट के परीक्षा आवेदन-पत्र जेएनवीयू के निर्देशानुसार संग्रहण का कार्य शुरू कर दिया गया है। परीक्षा शुल्क का मामला यूनिवर्सिटी स्तर का है।
डॉ. एमआर गढ़वीर, कार्यवाहक प्राचार्य, पीजी कॉलेज
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