कांस्टेबल को एसपी कर सकता है बर्खास्त
जयपुर।
हाईकोर्ट की वृहदपीठ ने व्यवस्था दी है कि पुलिस अधीक्षक को कांस्टेबल को बर्खास्त करने का अघिकार है। मुख्य न्यायाधीश अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने गुरूवार को यह फैसला सुनाया। वृहदपीठ ने प्रेमसिंह की 17 साल पुरानी याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ द्वारा उठाए सवाल पर यह व्यवस्था दी है। साथ ही, यह याचिका सुनवाई के लिए एकलपीठ के पास वापस भेज दी।
एकलपीठ ने 1986 में राज्य सरकार की ओर से जारी एक आदेश का हवाला देकर वृहदपीठ से पूछा था कि क्या इस आदेश के बाद भी एसपी को कांस्टेबल की बर्खास्तगी का अघिकार है? इस पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वृहदपीठ को बताया था कि एसपी को कांस्टेबल की बर्खास्तगी का अघिकार है, क्योंकि वह ही नियुक्तिकर्ता है। 1985 के आदेश में स्पष्ट है कि एसपी को अनुशासनात्मक कार्रवाई का अघिकार है, संविधान के अनुच्छेद 311 में भी एसपी को यह अघिकार दिया गया है। 1986 में जारी आदेश प्रादेशिक व अन्य जिला अघिकारियों के सम्बन्ध में है, इसके तहत उन्हें दो वेतन वृद्धि तक रोकने का अघिकार है।
यह थी याचिका
कांस्टेबल प्रेम सिंह को करीब 20 साल पहले एसपी द्वारा बर्खास्त कर दिया गया करने के आदेश के खिलाफ यह मामला उच्च न्यायालय पहुंचा।

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