धोनी को हिंदी में बोलने से रोका
कोलंबो।
इस बीच बेहद अजीब सी स्थिति पैदा हो गई क्योंकि पत्रकार के सवाल पर धोनी जवाब देना शुरू कर चुके थे लेकिन मैनेजर के रोकने के बाद उन्हें चुप होना पड़ा। इसके पीछे यह वजह बताई गई है कि हिंदी में सवाल पूछने पर खिलाडियों के लिए जवाब देना आसान नहीं होता। यह बेहद हैरानी की बात हैं क्योंकि बीसीसीआई या आईसीसी की ओर से ऎसी कोई भी बंदिश नहीं है। गौरतलब है कि आमतौर पर विदेशी दौरों पर होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरूआत अंग्रेजी में ही होती हैं जिसे बाद में संबंधित देश की भाषा से जोड़ा जा सकता है।
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