श्रमिकों के भुगतान में होगी पारदिशर्ता,ईएफएमएस की तैयारी 

श्रमिकों के खातों में भुगतान के लिए ईएफएमएस लागू करने की कवायद,अब महात्मा गांधी नरेगा योजना में श्रमिकों को भुगतान के लिए वेज लिस्ट भेजने की जरूरत नहीं रहेगी। बैंक को महज ईमेल भेजने से भुगतान की सारी प्रकि्रया संपादित हो जाएगी। वहीं अगर संबंधित श्रमिक ने अगर बैंक से अपने खाते में जमा होने वाली राशि की एसएमएस से सूचना प्राप्त होने की सेवा ले रखी है तो उसको एसएमएस के जरिए मजदूरी की राशि जमा होने की सूचना मिल जाएगी। 

बाड़मेर।
महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत श्रमिकों के भुगतान में पारदिशर्ता एवं समय पर भुगतान करने के लिए ईएफएमएस (इलेक्ट्रोनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) लागू किया जा रहा है। इसके लिए श्रमिकों के खातों का विवरण भारत सरकार की बेवसाइट पर इन्द्राज किया जाएगा। इधर, आयुक्त एवं ासन सचिव ईजीएस अभय कुमार ने समस्त जिला कलेक्टरों को महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत ईएफएमएस लागू करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। 
जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलेक्टर डा.वीना प्रधान ने बताया कि बाड़मेर जिले में ाुरूआती दौर में सिवाना एवं बाड़मेर पंचायत समिति में इलेक्ट्रोनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके लिए श्रमिकों के खातों से संबंधित जानकारी अपलोड करने का कार्य चल रहा है। प्रधान के मुताबिक राज्य सरकार के निर्देशानुसार इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए संबंधित विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए है कि यदि श्रमिकों के खातों का बैंक से मिलान कर उनको अभी तक फ्रीज नहीं किया गया है तो बैंक से खातों का मिलान एवं आवश्यक संशोधन कर उनको फ्रीज करवाया जाए। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल.आर.गुगरवाल ने बताया कि विकास अधिकारियों को यह कार्यवाही 20 सितंबर तक आवश्यक रूप से करने के निर्देश दिए गए है ताकि नियत तिथि से ईएफएमएस व्यवस्था लागू की जा सके। इसी तरह जिन श्रमिकों के आधार नंबर प्राप्त हो गए है, उनकी एंट्री भी श्रमिक डिमांड की एंट्री करते समय करने के निर्देश दिए गए है। 

अधूरे कार्यों के संबंध में निर्देश जारीः 
आयुक्त एवं शासन सचिव ईजीएस के अनुसार ऐसे कार्य जो वित्तीय वशर 201011 एवं इससे पहले शुरू हुए है परंतु पूर्ण नहीं हुए है एवं प्रगतिरत भी नहीं है उनको एमआईएस पर बंद किया जाए। इसके लिए उस कार्य पर श्रम एवं सामग्री मद पर होने वाले वास्तविक व्यय एवं कार्य की विवरण की प्रविश्टि की जाए। यदि इस कार्य के आगे कराए जाने की आवश्यकता नहीं है तो पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर कार्य पूर्ण किया जाए। 

कार्यों के फोटो अपलोड करने के निर्देशः 
महात्मा गांधी नरेगा कार्यों के कार्य प्रारंभ होने से पूर्व, मय एवं पूर्ण की स्थिति की फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए गए है। इसी तरह जो कार्य प्रगतिरत है उनके पूर्व एवं मध्य तथा पूर्ण होने हो चुके कार्यों की पूर्व, मध्य एवं पूर्ण की स्थिति की पफोटो अपलोड कराने की कार्यवाही करने को कहा गया है। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक फोटो की साइज 30 केबी से अधिक नहीं होनी चाहिए। 

बेरोजगारी भत्ते की प्रविश्टि दर्ज करें: 
निर्देशों के मुताबिक भारत सरकार की बेवसाइट पर प्रदिशर्त बेरोजगारी भत्ता संभवतया कार्य की मांग एमआईएस पर दर्ज करते समय गलत मांग दर्ज करने की वजह से है। अतः इस मांग को डिलिट किए जाने का प्रावधान पीओ लागिन पर उपलब्ध है। इस संबंध में मांग का इन्द्राज गलत होने की स्थिति में ही मांग को डिलिट करने के निर्देश दिए गए है। मस्टररोल जारी करते समय भी यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि रोजगार की मांग करने वाले सभी पात्र श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है। इसी तरह यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि गलत प्रविश्टि को डिलिट करने के साथ सभी पात्र आवेदकों को रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है। यदि बेरोजगारी भत्ता देय है तो भुगतान कर इसका इन्द्राज करना होगा। इसी तरह ऐसे मस्टररोल एवं बिल वाउचर जिनकी भुगतान दिनांक की प्रविश्टि एमआईएस में नहीं की गई है उनकी भुगतान की दिनांक की प्रविश्टि आवश्यक रूप से एमआईएस में करने के निर्देश दिए गए है।

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