वर्ल्ड कप जीतने पहुंची "बूढ़ी"टीम इण्डिया 
नई दिल्ली। 
श्रीलंका में 18 सितंबर से शुरू हो रहे टवंटी-20 विश्वकप के लिए महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में इस बार टीम इंडिया में "थर्टी प्लस" का दम दिखाई देगा।टवंटी 20 के फटाफट स्वरूप को हालांकि युवा खिलाडियों का खेल माना जाता है लेकिन इस बार विश्वकप मे उतर रही 15 सदस्यीय भारतीय टीम में सात खिलाड़ी तीस वर्ष से अधिक उम्र के हैं। यह भी दिलचस्प है कि जिस भारतीय टीम ने 2007 में पहला टवंटी 20 विश्वकप जीता था उसमें एक भी खिलाड़ी 30 वर्ष की उम्र का नहीं था। 
2007 की विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी मध्यम तेज गेंदबाज अजित आगरकर थे जो उस समय 29 वर्ष के थे। इस समय मौजूदा भारतीय टीम में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी तेज गेंदबाज जहीर खान और विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग हैं जो 33-33 वर्ष के हैं। 
भारत को पहला टवंटी 20 विश्वकप जिताने वाले धोनी तब 26 वर्ष के थे लेकिन अब वह 31 बसंत पार कर चुके हैं। टीम के बाएं हाथ के ओपनर गौतम गंभीर 30 वर्ष के हैं जबकि कैंसर से उबरने के बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले आलराउंर युवराज सिंह भी 30 वर्ष के हैं। पहले विश्वकप में ये दोनों खिलाड़ी 25-25 वर्ष के थे। आफ स्पिनर हरभजन सिंह 32 वर्ष के हो चुके हैं जबकि लंबे समय के बाद भारतीय टीम में लौटे मध्यम तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी 30 वर्ष के हैं।
मौजूदा भारतीय टीम में न्यूनतम आयु 23 वर्ष है। जबरदस्त फार्म में चल रहे विराट कोहली और लेग स्पिनर पीयूष चावला 23 वर्ष की उम्र के साथ टीम के सबसे युवा खिलाड़ी हैं। वर्ष 2007 की टीम में न्यूनतम आयु 18 वर्ष थी। उस समय चावला टीम के सबसे युवा खिलाड़ी थे। पहले विश्वकप की विजेता टीम में राबिन उथप्पा और आरपी सिंह 21-21 वर्ष. इरफान पठान और दिनेश कार्तिक 22-22 वर्ष तथा जोगिंदर शर्मा 23 वर्ष के थे। 
मौजूदा टीम में रविचंद्रन अश्विन, सुरेश रैना और रोहित शर्मा 25-25 वर्ष के हैं। मनोज तिवारी 26 वर्ष, इरफान 27 वर्ष और अशोक डिंडा 28 वर्ष के हैं। वर्ष 2007 की टीम से आठ खिलाड़ी धोनी, युवराज, चावला, गंभीर, हरभजन, इरफान, सहवाग और रोहित मौजूदा टीम में शामिल है। विश्वकप के लिए भारतीय उम्मीदों का दारोमदार थर्टी प्लस के दिग्गजों और युवा जोश से भरपूर खिलाडियों पर टिका रहेगा।

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