सीकर में मूसलाधार, दौसा में हाई अलर्ट
जयपुर।
100 कॉलोनियों में महामारी की आशंका
मंगलवार रात आई बारिश से जयपुर शहर में जलमग्न हुई सौ से अधिक कॉलोनियों में जमा पानी अब तक नहीं निकल सका है। लिहाजा अब महामारी की आशंका सताने लगी है।
अस्पतालों से भी यही खबर है कि पूरे शहर में अलग-अलग इलाकों से उल्टी, दस्त और पीलिया से पीडित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग के इंतजामों की बात करें, तो निचले इलाकों की इन 100 कॉलोनियों के बाशिंदों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी दो डॉक्टरों को सौंप दी गई है। वे ही कभी इस बस्ती दौड़ रहे हैं, तो कभी उस बस्ती। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सिर्फ फौरी राहत ही दे पा रहे हैं। पूरे शहर में केवल दो चिकित्सकों को नियुक्त किया है, जो जलमग्न कॉलोनियों में फंसे करीब 30 से 40 हजार लोगों का इलाज कर रहे हैं।
रामगढ़ में नहीं पहुंचा पानी
रामगढ़ में पानी आने की उम्मीद शाम को टूट गई, जब ताला नदी में पानी की आवक थम गई। सुबह तक नदी में पानी का बहाव 80 फीट चौड़ाई व छह इंच ऊंचाई पर था लेकिन शाम को नदी में पानी का बहाव थम गया और बांध में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। नदी व बांध के बीच रूकावटों के चलते नदी का पानी बांध तक नहीं पहुंचा।
बीसलपुर में जारी है पानी की आवक
बीते 12 घंटे के दौरान बीसलपुर बांध में करीब 21 सेंटीमीटर पानी की आवक होने पर बांध का गेज 311.78 आरएल मीटर दर्ज हो चुका है। त्रिवेणी और डाई नदी में हालांकि पानी की आवक धीमी हुई है लेकिन सिंचाई विभाग ने गुरूवार शाम तक बांध का जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद जताई है।
दीवार ढहने से मां बेटे की मौत
ग्राम पंचायत आलीसर के गांव देवा का बास में घर की दीवार ढहने से घर में सो रहे मां-बेटे की मौत हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने जम कर विरोध किया। बाद में तहसीलदार मौके पर पहुंचे और उन्होने ग्रामीणों को समझा-बुझा कर शांत किया। जानकारी के अनुसार लालाराम रैगर के कच्चे घर की दीवार ढहने पर लालाराम की पत्नी कमला व बेटा सोनू दीवार के मलबे में दब गया।
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