संसद में अटके पड़े हैं 112 विधेयक 
नई दिल्ली। 
कोयला ब्लॉक आवंटन पर गतिरोध बने रहने के कारण संसद ठप रहने से कई बिल अटक गए हैं। कई दिन से राजनीतिक घमासान के चलते कई महत्वपूर्ण विधेयकों के इस बार भी राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए रायसीना हिल्स जाने के आसार नहीं दिख रहे । इस समय 112 विधेयक संसद से पारित कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर लटके हैं लेकिन भाजपा के तेवरों को देखते हुए सरकार भी इन विधेयकों को लेकर आशंकित है।
इन 112 विधेयकों में से लगभग आधे ऎसे हैं जिन्हें लोकसभा या राज्यसभा में से किसी एक सदन से हरी झंडी मिल चुकी है जबकि दर्जन भर महत्वपूर्ण विधेयक ऎसे हैं जिन पर स्थायी समितियां भी रिपोर्ट दे चुकी हैं। माना जा रहा है कि यदि भाजपा के यही तेवर रहे तो सरकार बिना चर्चा कराए ही कुछ महत्वपूर्ण विधेयको को हंगामे के बीच ही पारित कराने की जोखिम उठा सकती है।
पहले भी सदन में हंगामे के दौरान सरकारें बिना चर्चा के विधेयक पारित कराती रही हैं। पिछले वषोंü के दौरान तो एक ही दिन में बिना चर्चा के 17 विधेयक पारित हो चुके हैं। संसदीय कार्य राज्यमंत्री हरीश रावत ने माना कि भाजपा यदि इसी तरह से संसद का कामकाज आगे भी बाधित करती रही तो इन विधेयकों को पारित करने में मुश्किल हो सकती है। बहरहाल पारित कराने के लिए तैयार विधेयकों की सरकार की सूची में लोकपाल बिल से लेकर व्हिसिल ब्लोअर हवाला कारोबार को रोकने संबंधी मनी लांड्रिंग बिल, खाद्य सुरक्षा बिल, भूमि अधिग्रहण बिल जैसे विधेयक शामिल हैं। 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ही लगभग 10 विधेयक इंतजार में हैं। बेनामी संपत्ति, बीज बिल, बायोटेक बिल, बैंकिंग बिल समेत दर्जनों विधेयक लंबे समय से पारित होने की बाट जोह रहे हैं। भूमि अधिग्रहण बिल को कानून मंत्रालय से हरी झंडी मिल चुकी है अलबत्ता लोकपाल पर राज्यसभा की सलेक्ट कमेटी अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप नहीं दे पाई है। भाजपा के रूख से अभी संसद का गतिरोध दूर होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। दूसरी ओर राजग के ही कुछ घटक दल पीएम के इस्तीफे की मांग पर भाजपा के रूख के विपरीत इस मुद्दे पर संसद में बहस के लिए तैयार है।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top