"सरबजीत ने कबूला इस्लाम" 
अमृतसर।
30 साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा होने वाले सुरजीत सिंह ने खुलासा किया है कि सरबजीत ने इस्लाम कबूल कर लिया है। धर्म परिवर्तन के बाद उसका नाम सरफराज कर दिया गया है। सरबजीत लाहौर की कोट लखपत जेल में कैद है। 
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना के बाद सुरजीत ने बताया कि लाहौर जेल में कैद कृपाल सिंह को भी मुस्लिम बना लिया गया है। उसका नाम मोहम्मद दीन हो गया है। दोनों ने जेल से रिहा होने की उम्मीद में इस्लाम कबूल कर लिया लेकिन उन पर कोई दया नहीं की गई। सुरजीत ने कहा कि पाकिस्तान के अधिकारी अपने मुल्क के लोगों पर भी रहम नहीं करते तो वे भारतीयों पर क्या दया दिखाएंगे। इस बीच सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने अपने भाई के इस्लाम कबूलने की बात से इनकार किया है।
कौर ने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। सरबजीत गुरू सिख था,वह गुरू सिख रहेगा। जेल में उसके पास सिख गुरूओं के फोटो और धार्मिक पुस्तकें हैं। वह उन किताबों को अक्सर पढ़ता है। दलबीर ने बताया कि जब वह अपने भाई से मिलने पाकिस्तान की जेल में गई थी तब उसने कुछ लोगों को कृपाल सिंह को मुस्लिम नाम से पुकारते हुए सुना था लेकिन सरबजीत के मामले में ऎसा नहीं है। 
अगर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया होता तो उसका मुस्लिम नाम होता? जब मैं उससे मिलने गई तो उसे सरबजीत या मनजीत के नाम से पुकारा गया। जब दलबीर कौर से कहा गया कि सुरजीत सिंह ने सरबजीत के इस्लाम कबूल करने की बात कही है तो उन्होंने कहा कि सरबजीत,सरबजीत ही है। वह सिख है और सिख अपना नाम और धर्म कभी नहीं बदलता। 
सुरजीत सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान की जेल में उसके साथ कोई बुरा बर्ताव नहीं हुआ था,इस पर कौर ने कहा कि अगर पाकिस्तान की जेल में बुरा बर्ताव नहीं हो रहा है तो फिर वहां की जेलों में बंद कैदी भारत क्यों आना चाहते हैं? सुरजीत ने यह भी कहा है कि अगर चीजें सही चली तो वह तीन महीने में सरबजीत को छुड़ा लेगा। सुरजीत के मुताबिक पाकिस्तान के सात से आठ एमएलए उनके अच्छे मित्र हैं।पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी उनके अच्छे मित्र हैं। उन्होंने जरदारी के साथ ब्रेक फास्ट किया था।

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