नहीं बढ़ेंगे डीजल, गैस के दाम : रेड्डी 
नई दिल्ली। 
बीते महीने पेट्रोल की कीमत में एकबारगी की सबसे अधिक 7.54 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि के बाद चौतरफा आलोचना से घिरी सरकार फिलहाल डीजल, रसोई गैस (एलपीजी) और मिट्टी के तेल की कीमत बढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि डीजल, एलपीजी और मिट्टी के तेल का दाम बढ़ाने पर फिलहाल कोई विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह पूछने पर कि प्रणव मुखर्जी की अगुवाई वाले मंत्रियों के उच्चाधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की बैठक के लिए कोई बैठक तक की गई है। रेड्डी ने कहा कि अभी तक बैठक के लिए कोई तिथि नहीं रखी गई है। पिछले महीने पेट्रोल की कीमत में एकबारगी की सबसे अधिक 7.54 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि से सरकार की चौतरफा आलोचना हुई। हालांकि तेल विपणन कंपनियों ने बाद में दो रूपए प्रति लीटर की कमी भी की, लेकिन इसके बावजूद सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों के निशाने पर है। सरकार ने पेट्रोल की कीमत को तो जून 2010 में ही प्रशासनिक मूल्य प्रणाली से अलग कर दिया था। हालांकि सिद्धांत रूप से वह डीजल के दाम तय करने को भी नियंत्रण से मुक्त कर चुकी है, किंतु अभी इस फैसले पर अमल नहीं हो पाया है। मुखर्जी के अगुवाई वाले ईजीओएम की पिछले साल जून से ही बैठक नहीं हुई है।पेट्रोल की कीमत में वृद्धि के बाद इस बाद की संभावना बढ़ी थी कि सरकार डीजल और एलपीजी के दाम भी बढ़ा दे, किंतु चौतरफा विरोध के बाद फिलहाल दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। हाल ही में ईजीओएम की बैठक बुलाए जाने की खबरें थीं, किंतु बाद में बैठक नहीं हुई। रेड्डी ने कहा कि वह डीजल की दुहरी मूल्य नीति के पक्ष में नहीं है। डीजल पर बढ़ रही सबसिडी को देखते हुए वित्त मंत्रालय डीजल की कारों पर भारी कर लगाने पर विचार कर रहा है। इस बारे में वित्त मंत्रालय की आटोमोबाइल निर्माताओं के साथ मंगलवार को बैठक हुई थी, किंतु कोई निर्णय नहीं हुआ। निर्माता डीजल की कार पर कर लगाने के पक्ष में नहीं है उनकी दलील है कि डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जाए।तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि वर्तमान में एक लीटर पेट्रोल बेचने पर उसे 14.09 रूपए की अंडर रिकवरी हो रही है। एलपीजी के 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर यह 475 रूपए और मिट्टी तेल पर 32.06 रूपए प्रति लीटर है। कंपनियों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें तीनों उत्पादों पर रोजाना 475 करोड़ रूपए की अंडर रिकवरी है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटड (बीपीसीएल) और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को 2011.12 में एक लाख 38 हजार 541 करोड़ रूपए की अंडर रिकवरी उक्त तीनों उत्पादों की वजह से हुई। सरकार की तरफ से इनकी भरपाई की गई। चालू वित्त वर्ष में अंडर रिकवरी के एक लाख 78 हजार 498 करोड़ रूपए पहुंच जाने का अनुमान है।

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