संसद सत्र के वक्त सीरीज,कैसे देंगे वक्त? 
नई दिल्ली। 
सचिन तेंदुलकर ने सांसद के रूप में नई पारी शुरू कर दी है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि मास्टर ब्लास्टर संसद को ज्यादा वक्त दे पाएंगे? जब संसद का सत्र चल रहा होगा तब टीम इण्डिया के घरेलू और विदेशी दौरे हैं, ऎसे में यह सवाल मौजूं हो जाता है। 
तीन देशों के खिलाफ होगी सीरीज
जिस वक्त संसद का मानसून सत्र चल रहा होगा तब टीम इण्डिया को श्रीलंका के दौरे पर जाना है। जुलाई अगस्त में टीम इण्डिया श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज खेलेगी। नवंबर-दिसंबर में जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा होगा तब टीम इण्डिया को भारत में इंग्लैण्ड के खिलाफ 4 टेस्ट की सीरीज खेलनी है। अगले साल फरवरी-मार्च में टीम इण्डिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट की सीरीज खेलनी है। उस वक्त संसद का बजट सत्र चल रहा होगा। सचिन ने वनडे और टेस्ट से संन्यास नहीं लिया है। सचिन ने सिर्फ टी-20 फॉर्मेट से संन्यास लिया है। सचिन खुद कह चुके हैं कि क्रिकेट उनका पहला प्यार है। ऎसे में साफ है कि बतौर मनोनित सांसद सचिन संसद को ज्यादा वक्त नहीं दे पाएंगे। 
दोहरी भूमिका नापसंद
सचिन को दोहरा भूमिका पसंद नहीं है। सचिन को जब टीम इण्डिया की कमान सौंपी गई थी तो थोड़े समय बाद ही उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी। सचिन ने हाल ही में मुंबई इंडियंस को कप्तानी भी छोड़ दी थी। 
क्या अधिकार है मनोनित सदस्य को
संविधान की धारा 80 के तहत राष्ट्रपति 12 सदस्यों का मनोनयन करते हैं। आम तौर पर राष्ट्रपित खुद मनोनयन नहीं करते। सरकार की सिफारिश पर ही राष्ट्रपति मनोनयन करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सिफारिश पर सरकार ने सचिन का नाम आगे किया था। सचिन को राज्यसभा में 103 नंबर की सीट मिली है। राज्यसभा सांसद बनने के बाद सचिन को वे सभी अधिकार और सुविधाएं मिलेगी तो सांसदों को मिलती है। सचिन राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं दे पाएंगे। हालांकि उप राष्ट्रपति चुनाव में वे वोट कर सकते हैं। संविधान संशोधन विधेयक पर सचिन वोट कर सकेंगे। सचिन को संपत्ति का ब्योरा नहीं देना होगा।

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