अन्ना का फिर पीएम पर हमला
नई दिल्ली।
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे समाजसेवी अन्ना हजारे ने सोमवार को कहा कि कोयला ब्लाकों के आवंटन में भ्रष्टाचार से संबंधित कागजातों का देखने के बाद इस घोटाले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर शक होता है।
अन्ना का यह बयान अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की बैठक में प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इन आरोपों के बाद आया जिसमें कांग्रेस नेतृत्व ने अन्ना एवं रामदेव की मुहिम को सरकार को बदनाम करने की साजिश करार दिया था। उल्लेखनीय है कि अन्ना टीम के वरिष्ठ सदस्यों ने कुछ दिन पूर्व प्रधानमंत्री सहित केन्द्रीय मंत्रिमंडल के 15 मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर निशाने पर लेते हुए कोयला आवंटन घोटाले में उनकी भूमिका पर सवाल खड़े किए गए थे।
अन्ना खुद अनशन न करें:टीम अन्ना
अन्ना के साथ मौजूद टीम अन्ना के प्रमुख सदस्यों अरविन्द केजरीवाल एवं किरण बेदी ने कहा कि उन्होंने अन्ना से अनुरोध किया है कि वह खुद अनशन नहीं करें। इससे पूर्व अन्ना ने टीम अन्ना की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में 25 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर भी आगे की रणनीति बनाई गई। टीम अन्ना ने पिछले दिनों एलान किया था कि प्रधानमंत्री सहित कैबिनेट के 15 सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए कदम नहीं उठाया गया तो 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन किया जाएगा।
रामदेव से कोइ मतभेद नहीं
अन्ना हजारे ने टीम अन्ना और रामदेव के बीच मतभेद की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमारे बीच किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है। हम रामदेव के आंदोलन के साथ है। हमारा आंदोलन गैर राजनीतिक है। आंदोलन में नेतत्व कौन करेगा सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि इसमें कोई नेता नहीं होगा। हमने 25 जुलाई से अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए बाबा रामदेव को आमंत्रित किया है।
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