प्रणव मुखर्जी बनेंगे राष्ट्रपति! 

नई दिल्ली। 
पिछले कुछ दिनो राष्ट्रपति पद के लिए अलग अलग कयास लगाये जा रहे है और इसी कड़ी में पिछले दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय से वित्त मंत्रालय में फोन कॉल्स यकायक बढ़ गई हैं। अधिकारी हैरान हैं कि इतनी कॉल्स तो प्रणव मुखर्जी के तीन साल के कार्यकाल में भी नहीं आई। मंत्रालय में फाइलों की रफ्तार में भी आश्चर्यजनक तेजी आई है।आला अधिकारियों ने मातहतों को बजट घोषणा समेत अन्य अहम फाइलें प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि पीएमओ विकास योजनाओं और पॉवर प्रोजेक्ट्स वगैरह में सीधे दखल देने लगा है। इससे मंत्रालय में असमंजस के बावजूद फाइलें तेजी से निकल रही हैं। मंत्रालय में पीएमओ की बढ़ती दखल से सवाल उठ रहा है कि क्या प्रणव राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं? 
मुलायम हुए "मुलायम"
सरकार के तीन साल पूरे होने के जश्न में मुलायम सिंह की मौजूदगी ने साबित कर दिया कि मुलायम अल्पसंख्यक को राष्ट्रपति बनाने की रट छोड़ कांग्रेस के साथ आ गए हैं। मुलायम की पुत्रवधू डिंपल के सामने कांग्रेस ने उम्मीदवार नहीं उतार सपा से गठजोड़ दर्शा दिया है। लालू यादव और अजित सिंह भी सोनिया से मिल यूपीए उम्मीदवार को समर्थन की बात कह चुके हैं।
आडवाणी से मिले संगमा 
राकांपा नेता पी ए संगमा ने शुक्रवार को भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी से करीब 20 मिनट मुलाकात की। समझा जाता है कि संगमा राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी के प्रति समर्थन जुटाने के लिए आडवाणी से मिले हैं। 
सबसे मजबूत दावेदार हैं प्रणव
प्रणव राष्ट्रपति पद के लिए सबसे तगड़े दावेदार के रूप में उभरे हैं। पिछले दिनों सोनिया गांधी के दूत रक्षा मंत्री ए के एंटनी की डीएमके मुखिया करूणानिधि से मुलाकात। करूणा की बेटी कनिमोझी और पूर्व मंत्री ए. राजा की जेल से रिहाई। डीएमके नेता टीआर बालू के मुखर्जी को समर्थन को लेकर सोनिया और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात जाहिर करती है कि कांग्रेस ने भले रायसीना हिल्स के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की हो, लेकिन मुखर्जी के रूप में मन काफी पहले ही बना चुकी है।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top