डर्टी पिक्चर के बाद जन्नत-2 के टीवी प्रसारण पर चाबुक
मुंबई।
बॉलीवुड के इतिहास में शायद पहली बार ऎसा हुआ है जब सेंसरबोर्ड की रिवाइजिंग कमेटी ने किसी फिल्म को यूए सर्टिफिकेट देते हुए कहा है कि फिल्म का टीवी पर प्रसारण रात 11 बजे बाद किया जाए,जब 12 साल की उम्र वाले सारे बच्चे या तो सो जाते हैं या फिर अपने माता-पिता की निगरानी में रहते हैं।
सेंसर बोर्ड के इस फैसले से फिल्म निर्माता मुकेश भट्ट भड़क गए हैं। मुकेश भट्ट का कहना है कि यूए सर्टिफिकेट वाली फिल्मों के लिए अलग अलग नियम कैसे हो सकते हैं। अत्यधिक हिंसा के कारण अग्निपथ को भी यूए सर्टिफिकेट मिला हुआ है लेकिन इसे प्राइम टाइम में दिखाने की परमिशन मिल गई लेकिन जन्नत 2 को नहीं। इसके प्रसारण के लिए मैं कोर्ट जाऊंगा। फिल्म निर्देशक महेश भट्ट का कहना है कि जब तक पूरा बॉलीवुड सेंसर के दोहरे रवैए के खिलाफ नहीं खड़ा होगा,कुछ नहीं हो पाएगा।
गौरतलब है कि अप्रैल में विद्या बालन की फिल्म द डर्टी पिक्चर को भी प्राइम टाइम पर टेलिकास्ट करने की अनुमति नहीं मिली थी। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को रात 11 बजे बाद दिखाने को कहा था। इसके बाद काफी हल्ला मचा था।
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