राजस्थान हाईकोर्ट ने दारा सिंह फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी को अलग सुविधाएं देने को लेकर सीबीआई को जोरदार फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जांच एजेंसी ने अपने मकसद के साथ समझौता किया है और अब वक्त आ गया है कि सीबीआई को बंद कर देना चाहिए। मालूम हो कि इस मामले में एक डीआईजी और भाजपा विधायक आरोपी हैं।
आरोपियों को सैल्यूट ठोकने पर लताड़ा
जस्टिस महेश चंद्र शर्मा की एकल पीठ ने सीबीआई अधिकारियों को लताड़ते हुए कहा है कि आप लोग आरोपियों को सैल्यूट ठोक रहे हैं, उन्हें कॉफी, चाय की पेशकश कर रहे हैं। आरोपी की न्यायिक हिरासत का रास्ता आसान बनाकर उसे जेल भेज रहे हैं, जबकि इसी मामले में अन्य आरोपियों के लिए यही सीबीआई लंबी पुलिस रिमांड की मांग करती रही।
सीबीआई को बंद करने का सबसे सही वक्त
ऐसा लगता है कि सीबीआई आरोपी से कुछ अलग तरह से पेश आ रही है। इससे उन मकसदों से समझौता हुआ है, जिसके लिए सीबीआई को बनाया गया था। इसलिए सीबीआई को बंद कर देने के लिए यह सबसे सही वक्त है। यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने हेड कांस्टेबल जगराम की याचिका पर सुनवाई के दौरान की। जगराम उस पुलिस टीम का हिस्सा था, जिसने शराब माफिया गिरोह के सदस्य दारा सिंह को मार दिया था। 11 महीने से जेल में बंद जगराम ने आरोप लगाया है कि सीबीआई सुनवाई में जानबूझ कर देरी कर रही है। मालूम हो कि इस मामले में तत्कालीन डीजीपी एके जैन समेत 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

0 comments:
एक टिप्पणी भेजें