आपदा प्रबन्धन में अधिक सहायता देगी सरकार 
बाडमेर, 
विषम भोगोलिक परिस्थिति वाले मरूस्थलीय बाडमेर जिले में प्राकृतिक आपदा में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा पुख्ता प्रबन्ध किये गये है। आगजनी के मामलों की अधिकता वाले इलाकों में प्राकृतिक आपदा में दी जाने वाली राहत में सीआरएफ नॉम्र्स में परिवर्तन से पीडित परिवारों को अब अधिक सहायता मिल पाएगी। 
जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने बताया कि आपदा राहत निधि के तहत आपदा में मृत्यु हो जाने पर अब एक लाख के स्थान पर डे लाख रूपये की सहायता राशि पीडित परिवार को मिल सकेगी। इसी तरह आपदा में किसी अंग अथवा आंखों के नश्ट होने पर अथवा 40 से 75 प्रतिशत तक की अपंगता पर प्रति व्यक्ति 35000 के स्थान पर 43500 रूपये, 75 प्रतिशत से अधिक अपंगता पर 50 हजार के स्थान पर 62000प्रदान किये जाएगें। इसी प्रकार आपदा में गम्भीर चोट लगने तथा एक सप्ताह से अधिक अस्पताल में रहना अपेक्षित होने पर प्रति व्यक्ति 7500 के स्थान पर 9300 रूपये तथा एक सप्ताह से कम के लिए 2500 के स्थान पर 3100 रूपये प्रदान कर राहत दी जाएगी। इसी प्रकार आपदा से प्रभावित वृद्ध, असक्षम तथा अनाथ बच्चों के लिए 20 रूपये प्रति व्यस्क के स्थान पर 30 रूपये तथा 15 रूपये के स्थान पर 25 रूपये प्रति अव्यस्क को प्रतिदिन राहत मिल सकेगी। वहीं आगजनी में कपडे तथा घरेलू सामान जल जाने पर कपडों के लिए 1000 के स्थान पर 1300 तथा घरेलू सामान के लिए 1000 के स्थान पर 1400 रूपये की राहत मिल सकेगी। 
जिला कलेक्टर ने बताया कि आपदा से फसलों के नश्ट होने पर भी सीआरएफ नॉम्र्स में बोतरी की गई है। कृशि फसलों, बागवानी फसलों एवं वाशिर्क पौधारोपण फसलों के अन्तर्गत वशार सिंचित क्षेत्रों में 2000 रूपये प्रति हेक्टर के स्थान पर 3000 रूपये प्रति हेक्टर की सहायता तथा बीमाकृत सिंचाई वाले क्षेत्रों के लिए 4000 प्रति हेक्टर के स्थान पर 6000 प्रति हेक्टर का मुआवजा दिया जाएगा। बारामासी फसलों के लिए 6000 के स्थान पर 8000 रूपये प्रति हेक्टर का मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह छोटे और सीमान्त किसानों से भिन्न किसानों के लिए इनपुड सब्सिडी में भी बोतरी की गई है। जिन मामलों में फसल का नुकसान 50 प्रतित या इससे अधिक होगा उनमें, धारित भूमि के आकार के बडा होते हुए भी कृमिक आपदाओं की स्थिति में एक हेक्टर प्रति किसान की सीमा के अध्यधीन तथा दो हेक्टर प्रति किसान तक दरों में भी सहायता बाई गई है। वशार सिंचित क्षेत्रों में 2000 प्रति हेक्टर के स्थान पर 3000 रूपये, बीमाकृत सिंचाई वाले क्षेत्रों के लिए 4000 के स्थान पर 6000 तथा बारामासी फसलों के लिए 6000 के स्थान पर 8000 प्रति हेक्टर मुआवजा दिया जाएगा। 
जिला कलेक्टर ने बताया कि आपदा में पाुपालकों को होने वाले नुकसान में राहत में भी बोतरी की गई है। आपदा से भैस, गाय व ऊॅट आदि के मर जाने पर नया खरीदने के लिए दस हजार की जगह 16400 रूपये, भेड व बकरी के लिए 1000 की जगह 1650 रूपये दिये जाएगें। इसी तरह ऊंट, घोडा तथा बैल के लिए 10000 की जगह 15000 तथा बछडा व गधा खरीदने के लिए 5000 की जगह 10000 रूपये राहत के रूप में दिए जाएगें। 
डॉ. प्रधान ने बताया कि जिले में आगजनी से अक्सर घर जल जाते है। ऐसे आगजनी के मामलों में पक्का मकान पूरी तरह जल जाने पर 25000 की जगह 35000 रूपये तथा कच्चा मकान जल जाने पर 10000 की जगह 15000 रूपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर पक्के मकान के लिए 5000 की जगह 6300 रूपये व कच्चे मकान के लिए 2500 की जगह 3200 रूपये मुआवजा, आगजनी से आांिक क्षति होने पर 1500 की जगह 1900 रूपये का मुआवजा तथा झोपडी क्षतिग्रस्त अथवा नश्ट होने पर प्रति झोपडी 2000 की जगह 2500 रूपये की राहत दी जाएगी। 

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