एक और एनकाउंटर फर्जी! 
करौली। दारिया फर्जी एनकाउंटर की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई कि करौली में भी इनामी डकैत रामेश्वर गुर्जर की मौत में फर्जी एनकाउंटर की बात सामने आ रही है। करणपुर थानान्तर्गत चिरमिल की खो में शुक्रवार को पुलिस ने डकैत रामेश्वर को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था, लेकिन शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उस दावे की हवा निकाल दी। रिपोर्ट में साफ कहा गया है, रामेश्वर की मौत पुलिस की गोली लगने से नहीं बल्कि गला दबाने और दम घुटने से हुई है। 
मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ.डी.एस. राजावत व डॉ.आर.एल. कोली ने डकैत रामेश्वर के शव का एक्स-रे भी कराया, लेकिन शरीर में गोली नजर नहीं आई। डॉ. राजावत के अनुसार उसके केवल गर्दन में एक घाव है, जो किसी भोटे हथियार से हुआ है। बाएं कंधे व दांयी भुजा पर खराेंच के निशान थे। डॉक्टरों ने इन खरोंचों को मृत्यु का कारण नहीं माना है।
पुलिस ने किया था मुठभेड़ में मौत का दावा
शुक्रवार शाम चिरमिल की खो में दस्यु रामेश्वर गुर्जर के गिरोह के साथ एडीएफ दल की मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान पुलिस ने रामेश्वर व मंडरायल के नयागांव निवासी जगमोहन मीणा को दबोच लिया, जबकि तीन अन्य फरार हो गए। पुलिस ने मौके से 3 पचफेरा, एक टोपीदार बंदूक व एक थ्री नॉट थ्री रायफल सहित 200 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए थे। पुलिस ने पकड़ में आए रामेश्वर को गोली से घायल होना बताया था। उसे सामान्य चिकिसालय लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस की ओर से करणपुर थाने में दस्यु गिरोह के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। 
यह कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का वह हिस्सा जिसमें लिखा है कि मौत गला दबाने और दम घुटने से हुई है।

...और इनका कहना है
हमें जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है, उसमें दस्यु रामेश्वर गुर्जर की मृत्यु का कारण रिजर्व रखा 
गया है। आनंद श्रीवास्तव, आईजी, भरतपुर रेंज 

एसपी ने नहीं उठाया फोन
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से एनकाउंटर फर्जी होने के संकेत मिलने पर एसपी ओमप्रकाश से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उल्लेखनीय है कि एसपी ओमप्रकाश ने भी दस्यु की मौत गोली लगने से होना बताया था।
डॉक्टर को ले गए कोतवाली
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद रात करीब 8 बजे पुलिसकर्मी मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ. डीएस राजावत को पकड़कर कोतवाली थाने ले गए। करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल बोर्ड के एक अन्य डॉ. श्रीराम मीणा के आवास पर छोड़ दिया। डॉ. राजावत ने बताया कि पुलिस ने उन्हें रिपोर्ट समझने के लिए कोतवाली बुलाया था। जहां उन्होंने पुलिस को स्पष्ट कर दिया कि डकैत रामेश्वर की मौत गला दबाने और दम घुटने से हुई है। 
था एक हजार का इनाम
दस्यु रामेश्वर के खिलाफ करौली और धौलपुर जिले के थानों में 6 मामले दर्ज हैं। इनमें पुलिस पर फायरिंग, अवैध वसूली, अवैध हथियार व डकैती के मुकदमे हैं। उस पर एक हजार रूपए का इनाम घोषित था।

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