कैग खोल चुका है रक्षा खामियों की पोल
नई दिल्ली। आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह की ओर से 21 मार्च को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की लिखे पत्र में सेना की बदहाली की जो बातें कही गई थी हालत उससे ज्यादा खराब है। कैग की रिपोर्ट में रक्षा खामियों को उजागर किया गया है। कैग की यह रिपोर्ट जनरल के प्रधानमंत्री को लिखे पत्र से पहले आई थी। कैग की रिपोर्ट पिछले साल दिसंबर के अंत में आई थी। इसमें सेना की जंग की तैयारियों में खोखलेपन को उजागर किया गया है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जिन सांसदों ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के लीक होने पर जनरल को बर्खास्त करने की मांग की थी उन्होंने कैग की रिपोर्ट पर कोई हल्ला नहीं मचाया। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सेना के पास अत्याधुनिक हथियारों की कमी है। देश की रक्षा पंक्ति में लगे कुछ हथगोले और गोला बारूद तो द्वितीय विश्व युद्ध के समय के हैं। इसकी तकनीक भी 1970 के दशक की है। दूसरे शब्दों में हमारी सुरक्षी तकनीक समय के हिसाब से पुरानी हो चुकी है।

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