
लीलसर में कथा सुनने के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़
बाड़मेर
लीलसर स्थित जसनाथ महाराज के मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का गुरुवार को नैनी बाई रो मायरो कथा के साथ आगाज हुआ। इस मौके पर संत मुरलीधर महाराज ने नरसी व भगवान के प्रेम के प्रसंग सुनाए। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। महाराज ने नरसी मेहता के जन्मोत्सव से लेकर नैनी बाई मायरो की तैयारियों में भगवान किस किस रूप में प्रकट हुए के नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रसंग सुनाए। इस दौरान कोई भगवान नरसी तो कई कृष्ण बना नजर आया। महाराज ने कहा कि नरसी का प्रेम देख भगवान राम भी 54 बार उनके जीवन में आए और उनकी मदद की।
संतों का हुआ समागम
जसनाथ मंदिर महोत्सव के प्रथम दिन नानी बाई मायरो कथा के मौके पर महंत जगदीशपुरी महाराज डूंगरपुरी मठ चौहटन, खुशालगिरी गंगागिरी मठ बाड़मेर, नारायणपुरी महाराज हमीरपुरा मठ बाड़मेर, मोटनाथ महाराज जसनाथ धाम लीलसर, सोमनाथ महाराज परालिया मठ चूरू, विरमनाथ महाराज, जेठनाथ महाराज कोलू, देवनाथ महाराज बीकानेर, जोगनाथ महाराज राणासर समेत जसनाथ संप्रदाय से जुड़े साधु-संत व भक्तों ने शिरकत की।
यज्ञ में दी आहुतियां
दोपहर ढाई बजे कथा के बाद मंदिर परिसर में बने यज्ञशाला में पांच कुण्डीय यज्ञ का आयोजन हुआ। जिसमें जसनाथ संप्रदाय के भक्तों ने यज्ञ में आहुतियां देकर सुखद दाम्पत्य जीवन व सुख शांति की कामना की। इस दौरान मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुति दी गई।
आज के कार्यक्रम
चार दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को दिनभर में कई कार्यक्रम होंगे। जिसमें सुबह 10.30 से दोपहर 2.30 बजे तक नानी बाई मायरो कथा का आयोजन होगा। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, गणपति पूजन, पुण्याहवाचन, वरुण पूजन, दश विधि स्नान, प्रायश्चित कर्म, मातृ का पूजन, अधि देव प्रतयधि देव पूजन, जापात्मक कार्य यज्ञारंभ का होगा। वहीं रात 8.30 बजे से भजन संध्या का आयोजन होगा। जिसमें सिद्ध अग्नि नृत्य की प्रस्तुति देंगे।

0 comments:
एक टिप्पणी भेजें