टेस्ट कप्तानी के लायक नहीं धोनीः अजहर
पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी वनडे और टी-20 के लिए तो शानदार कप्तान हैं, लेकिन टेस्ट मैचों की कप्तानी के लिए उनमें सूझबूझ की कमी है।भारतीय सांसदों और ब्रिटिश सांसदों के बीच यहां हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) के मैदान में टी-20 मैच में शानदार शतक जमाने के बाद अजहरूद्दीन ने संवाददाताओं के साथ बातचीत में धोनी की टेस्ट कप्तानी के बारे में सवाल उठाए और भारतीय टीम के पिछले कुछ महीनों में विदेशी दौरों में प्रदर्शन पर खुलकर बातचीत की।
'केवल टी-20 और वनडे के लायक धोनी'
अजहर ने बेबाकी से कहा 'धोनी निश्चित रूप से वनडे और टी-20 के बेहतरीन कप्तान हैं लेकिन जहां तक टेस्ट क्रिकेट की बात है वह मैदान में फैसले लेने में समझबूझ की कमी दिखाते हैं जिसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ता है'।
उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भारत को क्रिकेट के तीनों स्वरूपों के लिए अलग-अलग कप्तान रखने चाहिए। इससे निश्चित ही टीम को फायदा होगा। उल्लेखनीय है कि भारत ने पिछले करीब दस महीनों में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरों में सभी टेस्ट मैच गंवाए थे, जिससे धोनी की कप्तानी सवालों के घेरे में आ गई है।
'रोहित बनेगा अगला द्रविड़'
पूर्व भारतीय कप्तान ने युवा खिलाड़ियों को टीम में ज्यादा मौके देने की वकालत करते हुए कहा कि उससे पता लग पाएगा कि कौन अच्छा है और कौन नहीं। अजहर ने खासतौर पर रोहित शर्मा के लिए कहा 'उनमें काफी प्रतिभा है और वह राहुल द्रविड़ के संन्यास के बाद खाली हुई तीसरे नंबर की जगह को भर सकते हैं।'
'टीम में बोनस हैं कोहली'
विराट कोहली की सराहना करते हुए अजहर ने युवा बल्लेबाज को टीम के लिए बोनस बताया। उन्होंने कहा कि विराट टीम में खेल रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा पूरी तरह साबित की है। इस समय वह भारतीय टीम में एक बोनस हैं, जिनसे भारतीय बल्लेबाजी को लेकर आश्वस्त हुआ जा सकता है।
'आईपीएल से टेस्ट का नहीं काई वास्ता'
पूर्व कप्तान ने साथ ही कहा कि यदि भारतीय टीम अपने प्रदर्शन में सुधार लाए और युवा खिलाड़ियों को मौका दे तो मुझे पूरा यकीन है कि वह फिर से अपनी नंबर वन टेस्ट रैंकिंग हासिल कर लेगी।
अजहर ने टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के लिए आईपीएल को जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए कहा कि टेस्ट और आईपीएल दो अलग-अलग चीजें हैं और टेस्ट में खराब प्रदर्शन के लिए टी-20 का बहाना नहीं होना चाहिए। अच्छा खिलाड़ी वही है जो खुद को तीनों तरह की क्रिकेट में जरूरत के हिसाब से ढाल लेता है।उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरों में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों में आत्मविश्वास की कमी .तैयारी की कमी और स्पिन गेंदबाजी खेलने में चूक को जिम्मेदार ठहराया।

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