सुदृडीकरण के लिए वित्त आयोग प्रयासरत अग्रवाल
बाडमेर
चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव डॉ. पी.एल. अग्रवाल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेकर जिले में नगरीय स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थानों द्वारा उनके क्षेत्रों में किये गये कार्यो की समीक्षा की तथा उनके सुदृीकरण के लिए सुझाव आमन्ति्रत किए।
इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राज्य वित्त आयोग राज्य में नगर निकाय तथा पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए अपने सुझाव तथा सिफारिश्ो सरकार को प्रेषित करेगा। इससे पूर्व आयोग राज्य भर में विस्तृत भ्रमण कर इन संस्थाओं की स्थिति तथा कार्य प्रणाली से अवगत हो रहा है। उन्होने बताया कि इसी चरण में संभाग मुख्यालयों तथा जिला मुख्यालयों पर आयोग की बैठके की जा रही है। गत दिनों आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी.डी. कल्ला ने जोधपुर में संभाग स्तरीय बैठक ली थी।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पंचायतीराज संस्थाओं के बेहतर कार्य के लिए उनका सशक्त तथा सुदृ होना अति आवश्यक है। इसके लिए उन्हें फण्ड, फक्शन तथा फक्कसनरी की बेहद जरूरत है। उन्होने बताया कि स्थानीय संस्थाओं को मात्र सरकार पर आश्रित नहीं रहकर स्वयं आर्थिक रूप से मजबूत होना होगा तथा उन्हें अपनी स्थायी आय बानी होगी, तभी वे जनहित में कारगर भूमिका निभा पाएगें।
इस मौके पर जिला प्रमुख श्रीमती मदन कौर ने पंचायती राज संस्थाओं की समस्याओं से अवगत कराते हुए उन्हें स्थायी रूप से सक्षम बनाने के लिए रॉयल्टी तथा आबकारी आदि आय मे से एक हिस्सा नियत करने का सुझाव दिया। वहीं जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने जिले की स्थानीय संस्थाओं तथा नगर निकायों की स्थिति से अवगत कराते हुए उनकी समस्याओं की जानकारी दी।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी छगनलाल श्रीमाली, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामस्वरूप मीणा, वरिश्ठ लेखाधिकारी सांवरमल समेत स्थानीय संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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