अगवा कलक्टर के बारे में मिले सुराग 

सुकमा (छत्तीसगढ़)। नक्सलियों द्वारा शनिवार को अगवा किए गए सुकमा के जिला कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के बारे में पुलिस को कुछ महत्पवूर्ण सुराग मिले हैं। सूत्रों के अनुसार कलेक्टर के अपहरण के पीछे दंडाकरण्य स्पेशल जोनल कमेटी हो सकती है। इसमें नक्सली नेता किशन्ना, हर्मा, रेंगन और पापाराओ का हाथ होने की बात कही जा रही है। कलेक्टर को पापाराओ को सौंपा जा सकता है। सूत्रों का मानना है कि कलेक्टर को ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर कहीं रखा गया है। हालांकि अभी तक नक्सलियों ने सरकार से इस बारे में संपर्क नहीं साधा है। कलेक्टर के परिजनों ने उन्हें छोड़ने की अपील की है। एलेक्स को बंदूक की नोक पर आंध्रप्रदेश से सटे केरलापाल वन क्षेत्र से अगवा कर लिया गया था।पुलिस ने रविवार को इस वन क्षेत्र में एलेक्स की तलाश की लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इस बीच नक्सलियों ने भी अधिकारियों से संपर्क नहीं साधा है। पूरा सरकारी तंत्र प्रतीक्षा में है कि नक्सली अपनी कोई मांग या संदेश भेजेंगे। 2006 बैच के 32 साल के आईएएस अधिकारी एलेक्स ने जनवरी 2012 को सुकमा जिले के पहले कलेक्टर का पदभार संभाला है। एलेक्स तमिलनाडु के हैं और उनके ससुराल वाले चेन्नई में रहते हैं। एलेक्स के ससुर टीआर वेनुगोपालन ने नक्सलियों से उनके दामाद को छोड़ने की मांग की है। उन्होंने कहा, एलेक्स ने कभी भी किसी के साथ कुछ बुरा नहीं किया। एलेक्स के सुरक्षाकर्मी भी मारे गए। माओवादियों को सोचना पड़ेगा कि क्यों वे यह सब कर रहे हैं।
एलेक्स की गर्भवती पत्नी आशा मेनन ने अपने पति को छोड़ने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि एलेक्स को अस्थमा है और उनके पास दवा की दो खुराक ही बची हैं। अगर कोई इमरजेंसी स्थिति पैदा हो गई तो वे झेल नहीं पाएंगे। उन्होंने जिले के विकास के लिए काफी काम किया है। मैं अपील करती हूं कि उन्हें जल्द से जल्द छोड़ा जाए। कलेक्टर के परिवार ने कहा कि एलेक्स को अंदेशा था कि अधिकारियों का अपहरण किया जा सकता है लेकिन फिर भी वे अपने कार्य करते रहे। 
सुकमा में रहा बंद 
एलेक्स के अपहरण के विरोध में स्थानीय लोगों ने रविवार को सुकमा जिले में बंद का आयोजन किया। बंद से परिवहन सेवाएं बाधित हुई। सभी दुकानें भी बंद रहीं।उल्लेखनीय है कि एलेक्स का शनिवार को शाम 4.30 बजे दूर दराज के गांव से अपहरण कर लिया गया था। एलेक्स तब राज्य सरकार द्वारा चलाए जाने वाले ग्राम सुराज अभियान कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। नक्सली सभा में ग्रामीणों के भेस में मौजूद थे। अचानक उन्होंने हमला कर दिया। कलेक्टर के एक सुरक्षाकर्मी ने शहीद होने से पहले एक नक्सली को मार गिराया। इस हादसे में कलेक्टर के दोनों सुरक्षाकर्मी मारे गए। नक्सली एलेक्स को अगवा कर ले गए। इस अपहरण में करीब 50 नक्सली शामिल थे जिनमें से अधिकतर महिलाएं थीं।गृह मंत्री पी चिदंबरम न राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह से बात की है। उन्होंने राज्य सरकार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। 
कलेक्टर तीन नक्सली कमांडरों के कब्जे में! 
ऎसी खबर है कि डीएम को सुकमा के आस-पास ही कहीं रखा गया है। एक न्यूज चैनल के अनुसार कलेक्टर तीन नक्सली कमांडरों के कब्जे में हैं। इन कमांडरों का नाम शन्ना, हेरमा और जेंगेलो अन्ना बताया जा रहा है। हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

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