एंटनी के दफ्तर की हो रही जासूसी! नई दिल्ली। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के बाद अब रक्षा मंत्री ए के एंटनी के कार्यालय में भी कथित रूप से जासूसी की गई। सूत्रों के अनुसार जासूसी उपकरण होने का यह संदेह 16 फरवरी को सामने आया जब सैन्य गुप्तचर शाखा का दो सदस्यीय दल साउथ ब्लॉक में एंटनी के कक्ष नंबर 104 में जासूसी उपकरण पकड़ने वाले एक उपकरण से कमरे की जांच कर रहा था। हाथ में लेकर घुमाए जाने वाले इस उपकरण की बीप-बीप बोलने से रक्षा मंत्रालय में सनसनी फैल गई और आनन फानन में गृह मंत्रालय को सूचित कर गुप्तचर ब्यूरो के जांच दल को उसी शाम तलब कर लिया गया था। एंटनी के कक्ष में जासूसी किए जाने का मामला ऎसे समय सामने आया है जब अरबों डालर के रक्षा सौदों को अंतिम रूप देने का दौर चल रहा है। सप्रंग सरकार में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के बाद तीसरे नंबर पर हैं। वह कांग्रेस की कोर कमेटी में भी हैं। देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी एंटनी के कार्यालय में जासूसी उपकरण की सूचना की मौजूदगी से सत्ता शीर्ष का चकित रह जाना स्वाभाविक है।
जासूसी की बात अफवाह : रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय ने रक्षा मंत्री ए के एंटनी के कार्यालय में जासूसी उपकरण पाए जाने संबंधी खबरों को गलत बताया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यहां बताया कि एंटनी के कार्यालय में जासूसी का कोई उपकरण नहीं पाया गया। मीडिया में आई इस तरह की खबरों का कोरी कल्पना करार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के कार्यालय में च्युइंग गम जैसे पदार्थ में जासूसी उपकरण चिपकाए जाने की बात का खुलासा होने से राजनीतिक हलकों में सनसनी फैल गई थी।
जासूसी की बात अफवाह : रक्षा मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय ने रक्षा मंत्री ए के एंटनी के कार्यालय में जासूसी उपकरण पाए जाने संबंधी खबरों को गलत बताया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यहां बताया कि एंटनी के कार्यालय में जासूसी का कोई उपकरण नहीं पाया गया। मीडिया में आई इस तरह की खबरों का कोरी कल्पना करार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के कार्यालय में च्युइंग गम जैसे पदार्थ में जासूसी उपकरण चिपकाए जाने की बात का खुलासा होने से राजनीतिक हलकों में सनसनी फैल गई थी।

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