टैबलेट से होंगी भर्ती परीक्षाएं!
जयपुर, 9 फरवरी। अच्छे लोकसेवकों के चुनाव के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) आने वाले समय में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग कर चयन प्रक्रिया को औैर अधिक पारदर्शी बनाने में जुट गया है। आयोग कंप्यूटर टैबलेट का उपयोग कर चयन परीक्षा आयोजित की जा सकेगी। ऐसा होने से परीक्षा कार्य सुविधाजनक तरीके से सम्पन्न किए जा सकेंगे, साथ ही परिणाम घोषणा में विलम्ब से बचा जा सकेगा। दरअसल, आयोग परीक्षार्थियों की बढ़ती जा रही संख्या को देखते हुए परीक्षा कार्य में गोपनीयता के साथ ही शीघ्र नतीजेे घोषित करने की चुनौतियों का सामना करने के लिए परीक्षा कार्य में अधिकाधिक तकनीक का प्रयोग किए जाने पर मंथन कर रहा है। आयोग के सचिव डॉ. के.के. पाठक का कहना है कि आज से आयोग में शुरू होने जा रहे देशभर के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों के सम्मेलन में इस विषय पर प्रमुखता से विचार कर सभी की राय जानी जाएगी। पाठक का कहना है कि वर्तमान में टैबलेट की कीमत सस्ती होती जा रही है। परीक्षार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। ऐसे में प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने से लेकर परिणाम की घोषणा तक का कार्य काफी महत्वपूर्ण हो गया है। जल्द परिणाम की घोषणा भी विभिन्न आयोगों के लिए चुनौती है। ऐसे में परीक्षा की मैनुअली प्रक्रिया को तकनीकी प्रक्रिया में बदलने की जरूरत बढ़ गई है। उनका मानना है कि टैबलेट के उपयोग से परीक्षा और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और गतिशील बनाया जा सकता है। इसके लिए परीक्षा केन्द्रों की तरह ही कम्प्यूटर लैब स्थापित की जा सकती है। जहां परीक्षा कार्य सम्पन्न करवाया जा सके।
राज्य को मिला पहला मौका
राज्य में पहली बार देशभर के लोकसेवक चयन आयोगों के अध्यक्षोंं का दो दिवसीय चौदहवां सम्मेलन आज से शुरू होने जा रहा है। सम्मेलन मेें 24 आयोगों के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीकी प्रयोग, इमेज बिल्डिंग, ऑनलाइन आवेदन, ऑनलाइन परीक्षा, स्कैलिंग पद्धति और न्यायालय निर्देश, आरटीआई नियमों की पालना के साथ ही अच्छे और गुणवत्तायुक्त लोकसेवकों के चयन की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया जाएगा। गौरतलब है कि लोकसेवा आयोगों को संविधानिक दर्जा प्राप्त है। नियुक्ति से लेकर पदोन्नति के साथ ही सेवा नियमों में संशोधन और दण्डात्मक कार्रवाई करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में प्रशासनिक और अकादमिक कार्यों में संतुलन बनाए रखने के लिए उचित व्यवस्थाओं को अपनाए जाने पर भी अध्यक्षों के बीच मंथन होगा। राज्य लोक सेवा आयोग को पहली बार इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन का अवसर मिला है।
जयपुर, 9 फरवरी। अच्छे लोकसेवकों के चुनाव के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) आने वाले समय में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग कर चयन प्रक्रिया को औैर अधिक पारदर्शी बनाने में जुट गया है। आयोग कंप्यूटर टैबलेट का उपयोग कर चयन परीक्षा आयोजित की जा सकेगी। ऐसा होने से परीक्षा कार्य सुविधाजनक तरीके से सम्पन्न किए जा सकेंगे, साथ ही परिणाम घोषणा में विलम्ब से बचा जा सकेगा। दरअसल, आयोग परीक्षार्थियों की बढ़ती जा रही संख्या को देखते हुए परीक्षा कार्य में गोपनीयता के साथ ही शीघ्र नतीजेे घोषित करने की चुनौतियों का सामना करने के लिए परीक्षा कार्य में अधिकाधिक तकनीक का प्रयोग किए जाने पर मंथन कर रहा है। आयोग के सचिव डॉ. के.के. पाठक का कहना है कि आज से आयोग में शुरू होने जा रहे देशभर के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्षों के सम्मेलन में इस विषय पर प्रमुखता से विचार कर सभी की राय जानी जाएगी। पाठक का कहना है कि वर्तमान में टैबलेट की कीमत सस्ती होती जा रही है। परीक्षार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी होती जा रही है। ऐसे में प्रश्न पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने से लेकर परिणाम की घोषणा तक का कार्य काफी महत्वपूर्ण हो गया है। जल्द परिणाम की घोषणा भी विभिन्न आयोगों के लिए चुनौती है। ऐसे में परीक्षा की मैनुअली प्रक्रिया को तकनीकी प्रक्रिया में बदलने की जरूरत बढ़ गई है। उनका मानना है कि टैबलेट के उपयोग से परीक्षा और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और गतिशील बनाया जा सकता है। इसके लिए परीक्षा केन्द्रों की तरह ही कम्प्यूटर लैब स्थापित की जा सकती है। जहां परीक्षा कार्य सम्पन्न करवाया जा सके।
राज्य को मिला पहला मौका
राज्य में पहली बार देशभर के लोकसेवक चयन आयोगों के अध्यक्षोंं का दो दिवसीय चौदहवां सम्मेलन आज से शुरू होने जा रहा है। सम्मेलन मेें 24 आयोगों के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीकी प्रयोग, इमेज बिल्डिंग, ऑनलाइन आवेदन, ऑनलाइन परीक्षा, स्कैलिंग पद्धति और न्यायालय निर्देश, आरटीआई नियमों की पालना के साथ ही अच्छे और गुणवत्तायुक्त लोकसेवकों के चयन की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया जाएगा। गौरतलब है कि लोकसेवा आयोगों को संविधानिक दर्जा प्राप्त है। नियुक्ति से लेकर पदोन्नति के साथ ही सेवा नियमों में संशोधन और दण्डात्मक कार्रवाई करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में प्रशासनिक और अकादमिक कार्यों में संतुलन बनाए रखने के लिए उचित व्यवस्थाओं को अपनाए जाने पर भी अध्यक्षों के बीच मंथन होगा। राज्य लोक सेवा आयोग को पहली बार इस राष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन का अवसर मिला है।

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