वाईट पिरामिडों से निखरेगा पर्यटन 


बाडमेर जिले में पर्यटन की संभावना को तलाशने के लिए भारतीय पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक डॉ. ललित के पंवार ने शुक्रवार को जिला प्रशासन, पर्यटन विशोषज्ञों तथा मीडिया के साथ बैठक कर चर्चा की। उन्होने जिले में हाईड्रोकार्बन तथा खनन गतिविधियों से पर्यटन को जोडने की संभावना भी तलाशी। इस अवसर पर डॉ. पंवार ने बताया कि जैसलमेर में सर्वप्रथम पर्यटन की शुरूआत वहां भूगर्भ में छिपे हाइड्रोकार्बन को तलाशने के लिए आरम्भिक सर्वे के लिए आने वाले विदेशी मेहमानों ने की थी, जिसकी बदोलत आज जैसलमेर पर्यटन के विश्व पटल पर छाया हुआ है। उन्होने बताया कि बाडमेर मे भी अब व्यापक स्तर पर हाईड्रोकार्बन अथवा तेल का उत्पादन हो रहा है तथा इससे पर्यटन को जोडा जा सकता है। उन्होने बताया कि जिले के 12 वीं शताब्दी के गौरवशाली तथा राजस्थान के खजुराहो के रूप में प्रसिद्ध किराडू के मंदिरों को कैयर्न एनर्जी के द्वारा गोद लेकर इसका पर्यटन स्थल के रूप में विकास कराया जा सकता है। उन्होने जिले में तेल गतिविधियों को भी पर्यटन से जोडने के निर्देश दिए। उन्होने बताया कि कैयर्न के किसी एक तेल के कुए तथा रिंग एवं अन्वेशण कार्य की साईट को विजिट ऑफ हाईड्रोकार्बन के रूप में विकसित कर इसे पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। उन्होने बताया कि स्थानीय सैलानियों का इन गतिविधियों में आकशर्ण भी होता है। उन्होने बताया कि इसी तरह पचपदरा के नमक उत्पादन स्थलों को द लैण्ड ऑफ वाईट पिरामिड के रूप में उभारा जा सकता है, जिससे कि पर्यटक इनकी तरफ आकर्षित हो सकें। उन्होने इसी तरह जिले के अन्य पर्यटन स्थलों को भी विभिन्न पर्यटन दृष्टिकोणों के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। डॉ. पंवार ने बाडमेर में आयोजित होने वाले थार महोत्सव की आगामी दस वर्षो की तिथियां निर्धारित करने तथा इसे अन्य प्रसिद्ध महोत्सव से लिंक नहीं कर स्वतन्त्र रूप से थार के मौसम के अनुकूल समय यथा संभव दीपावली के आसपास लाभ पंचमी को आयोजित करवाने को कहा ताकि विदेशी पर्यटक इससे अधिक से अधिक रूप से जुड सकें। उन्होने बाडमेर में पर्यटन उद्योग के विभिन्न संगठनों यथा होटल, टूर एण्ड ट्रेवल्स, टूरिस्ट गाइड आदि को सकि्रय रूप से भागीदारी के लिए आमन्ति्रत करने के निर्देश दिए। उन्होने बताया कि बाडमेर में पर्यटन की व्यापक संभावना है तथा यहां की कला एवं संस्कृति, ग्रामीण परिवेश, संगीत एवं नृत्य, हस्तिशल्प आदि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहे जा चुके है। उन्होने पर्यटन की विशोषज्ञता के लिए जिला मुख्यालय पर स्थित आरटीडीसी की होटल खडताल को स्किल सेन्टर के रूप में विकसित कर यहां युवाओं को पर्यटन का प्रिशक्षण देने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेशित करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने जिले में पर्यटन गतिविधियों की जानकारी दी तथा थार महोत्सव एवं पर्यटन के विभिन्न तत्वों से अवगत कराया। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर अरूण पुरोहित समेत संबंधित अधिकारी, पर्यटन व्यवसायी तथा मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 

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