2002 दंगों पर मोदी सरकार को कोर्ट की फटकार
अहमदाबाद. गुजरात की नरेंद्र मोदी की सरकार को आज हाई कोर्ट ने दूसरा झटका दिया है। गुजरात हाई कोर्ट ने आज एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की, 'मोदी की सरकार 2002 के गोधरा कांड के बाद भड़के दंगे नहीं रोक पाई। दंगे रोकने के लिए सरकार को ज़्यादा सक्रियता दिखानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर पाई। सरकार ने दंगे को नजरअंदाज किया।'
हाई कोर्ट ने मोदी सरकार के खिलाफ आदेश देते हुए कहा, 'गुजरात सरकार धर्मस्थलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दे और मरम्मत कराए।' इससे पहले हाई कोर्ट ने लोकायुक्त के गठन के मामले में मोदी सरकार को फटकार लगाई थी। हाई कोर्ट ने सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति को चुनौती दी थी। तीन जजों की बेंच ने सरकार की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि रिटायर्ड जज आर.ए. मेहता की लोकायुक्त के तौर पर नियुक्ति बिल्कुल वैध है।
अहमदाबाद. गुजरात की नरेंद्र मोदी की सरकार को आज हाई कोर्ट ने दूसरा झटका दिया है। गुजरात हाई कोर्ट ने आज एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की, 'मोदी की सरकार 2002 के गोधरा कांड के बाद भड़के दंगे नहीं रोक पाई। दंगे रोकने के लिए सरकार को ज़्यादा सक्रियता दिखानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ऐसा नहीं कर पाई। सरकार ने दंगे को नजरअंदाज किया।'
हाई कोर्ट ने मोदी सरकार के खिलाफ आदेश देते हुए कहा, 'गुजरात सरकार धर्मस्थलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा दे और मरम्मत कराए।' इससे पहले हाई कोर्ट ने लोकायुक्त के गठन के मामले में मोदी सरकार को फटकार लगाई थी। हाई कोर्ट ने सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति को चुनौती दी थी। तीन जजों की बेंच ने सरकार की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि रिटायर्ड जज आर.ए. मेहता की लोकायुक्त के तौर पर नियुक्ति बिल्कुल वैध है।

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