कार्यवाही पर रोक नहीं
जज ने इन दोनों वेबसाइट्स के खिलाफ मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई। फिर भी उन्होंने वकीलों के इस निवेदन पर रजामंदी जताई कि वे निचली अदालत में शुक्रवार को होने वाली सुनवाई को प्रभावी बनाने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे।
फिल्टर मुश्किल
इससे पहले, गूगल इंडिया की तरफ से पेश हुए पूर्व अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि अश्लील, आपत्तिजनक तथा मानहानिकारक सामग्री की पोस्टिंग न तो फिल्टर की जा सकती है और न ही उस पर निगरानी रखना संभव है। दुनियाभर से अरबों लोग अपनी सामग्री वेबसाइट पर पेश करते हैं। उनकी जांच मुमकिन नहीं। रोहतगी ने गूगल इंडिया तथा अमरीका स्थित गूगल इन्कॉ. का फर्क भी स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि गूगल इन्कॉ. सेवा प्रदाता है, गूगल इंडिया नहीं।
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