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जोधपुर। केन्द्रीय नवीन एवं नवीनीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि हवा और सूर्य की रोशनी के बाद अब केन्द्र सरकार समुद्री लहरों से बिजली उत्पादन की कार्ययोजना बना रही है। इसके बाद देश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बन जाएगा। जवाहरलाल नेहरू सोलर मिशन के तहत देश में वर्ष 2022 तक 20 हजार मेगावाट विद्युत उपत्पादन होगा। पहले चरण में वर्ष 2013 तक 13 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन होगा। जिसमें सर्वाघिक हिस्सेदारी राजस्थान की होगी।
बुधवार को जिले के तिंवरी क्षेत्र में मोजर बेयर कंपनी के पांच मेगावाट सोलर फार्मा व फलोदी के रावरा गांव में सन एडिशन द्वारा नवस्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद जनसभा में डॉ. अब्दुल्ला ने आश्वस्त किया कि राजस्थान में सौर व पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार हरसंभव मदद देगी। डॉ. अब्दुल्ला ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्घि के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रशंसा भी की।
आप सोलर पैनल बनाओ, जमीन हम देंगे : सीएम
तिवरी में सोलर पॉवर प्लांट के शुभारम्भ के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सोलर पॉवर कम्पनियां प्रदेश में सोलर पैनल(प्लेटस) बनाने का काम करें, सरकार उन्हें जमीन उपलब्ध करवाएगी। गहलोत ने कहा कि 22 साल से वे जोधपुर में सोलर पॉवर प्लांट का सपना देख रहे थे वो अब पूरा हुआ है। इसके साथ ही जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने का काम होगा। सरकार ने सोलर पॉलिसी बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पूरे देश में 1100 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन की इकाइयां स्वीकृत की हैं इनमें से 873 मेगावाट की इकाइयां राजस्थान में हैं। इसके लिए 72 कम्पनियों को स्वीकृतियां दी गई हैं। राजस्थान में 16 हजार 900 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए निजी क्षेत्र की 722 कम्पनियों ने पंजीकरण कराया है। राज्य में सोलर पार्क विकसित करने के लिए क्लिण्टन फाउण्डेशन से एमओयू किया है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तव्य का जवाब देते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गुजरात में सुविधाओं के अभाव के चलते कई कंपनियां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए राजस्थान आ रही हैं। राजस्थान में सौर ऊर्जा कंपनियों को मात्र 10 प्रतिशत दर पर भूमि आवंटन के साथ अन्य रियायत दी जा रही है। ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि रावरा में फोटोवोल्टिक तकनीक के 35 मेगावाट के प्लांट्स लग रहे हैं।
बुधवार को जिले के तिंवरी क्षेत्र में मोजर बेयर कंपनी के पांच मेगावाट सोलर फार्मा व फलोदी के रावरा गांव में सन एडिशन द्वारा नवस्थापित सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन करने के बाद जनसभा में डॉ. अब्दुल्ला ने आश्वस्त किया कि राजस्थान में सौर व पवन ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए केन्द्र सरकार हरसंभव मदद देगी। डॉ. अब्दुल्ला ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्घि के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रशंसा भी की।
आप सोलर पैनल बनाओ, जमीन हम देंगे : सीएम
तिवरी में सोलर पॉवर प्लांट के शुभारम्भ के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सोलर पॉवर कम्पनियां प्रदेश में सोलर पैनल(प्लेटस) बनाने का काम करें, सरकार उन्हें जमीन उपलब्ध करवाएगी। गहलोत ने कहा कि 22 साल से वे जोधपुर में सोलर पॉवर प्लांट का सपना देख रहे थे वो अब पूरा हुआ है। इसके साथ ही जोधपुर, बाड़मेर, बीकानेर और जैसलमेर में सोलर पार्क बनाने का काम होगा। सरकार ने सोलर पॉलिसी बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पूरे देश में 1100 मेगावाट ऊर्जा उत्पादन की इकाइयां स्वीकृत की हैं इनमें से 873 मेगावाट की इकाइयां राजस्थान में हैं। इसके लिए 72 कम्पनियों को स्वीकृतियां दी गई हैं। राजस्थान में 16 हजार 900 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए निजी क्षेत्र की 722 कम्पनियों ने पंजीकरण कराया है। राज्य में सोलर पार्क विकसित करने के लिए क्लिण्टन फाउण्डेशन से एमओयू किया है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तव्य का जवाब देते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गुजरात में सुविधाओं के अभाव के चलते कई कंपनियां सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए राजस्थान आ रही हैं। राजस्थान में सौर ऊर्जा कंपनियों को मात्र 10 प्रतिशत दर पर भूमि आवंटन के साथ अन्य रियायत दी जा रही है। ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि रावरा में फोटोवोल्टिक तकनीक के 35 मेगावाट के प्लांट्स लग रहे हैं।

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