जयपुर/चौमूं । सामोद में यादवों की ढाणी में रहने वाले वकील मुरलीधर यादव ने बुधवार तड़के घर के पास कुएं में कूदकर जान दे दी। घटना के पीछे कथित तौर पर पुलिस प्रताड़ना का मामला सामने आने के बाद वकीलों ने जैसे पूरे शहर को थाम दिया। कलक्ट्रेट सर्किल से खासाकोठी व अंबेडकर सर्किल से लेकर स्टेच्यू सर्किल तक जाम लगा दिया। जिससे दिन भर लोग परेशान रहे। यानी वकील जिंदगी से हार गया और शहर वकीलों से।
बार एसोसिएशन की याचिका पर हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपते हुए दो दिन में प्रगति रिपोर्ट के साथ डीआईजी (सीबीआई) को तलब किया है। मुरलीपुरा थाने के तत्कालीन थानाप्रभारी भोपाल सिंह भाटी व जांच अघिकारी एएसआई शंकर लाल को निलम्बित कर दिया।
हाईकोर्ट ने एसपी ग्रामीण को मृतक के परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने को कहा है। अदालत के आदेश के बाद सुबह 11 से चल रहा हुड़दंग शाम करीब पांच बजे शांत हुआ और जाम खुला। दी बार एसोसिएशन जयपुर के आह्वान पर पूरे प्रदेश के वकील गुरूवार को हड़ताल पर रहेंगे।
सीएम ने कहा-उग्र आंदोलन अनुचित
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रात में आवास पर सारे घटनाक्रम की समीक्षा की। इसमें वकील के आत्महत्या करने की घटना को दुखद माना और हाईकोर्ट के निर्णय के बाद वकीलों के उग्र आंदोलन को अनुचित ठहराया गया। बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने संकेत दिए कि वकीलों उग्र आंदोलन जारी रहा तो सरकार सख्ती भी बरत सकती है। प्रवक्ता ने कहा कि शांति एवं व्यवस्था बिगड़ने नहीं देंगे। उधर, शहर के चार थानों सिंधी कैंप, सदर, ज्योतिनगर और अशोक नगर थाने में वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
यह था मामला
किशोर नगर, मुरलीपुरा निवासी दीपू ने मुरलीपुरा थाने में पिछले वष्ाü मृतक वकील मुरलीधर और पड़ोसी शंभूदयाल के खिलाफ मकान हड़पने का मामला दर्ज कराया था। इसके मुताबिक फर्जी दस्तावेज से दीपू के मकान की रजिस्ट्री मुरलीधर ने स्वयं के नाम करवा ली थी। इससे मुरलीधर और शंभू में भी मनमुटाव हो गया। दोनों ने 25 अगस्त को एक-दूजे के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने 10 अक्टूबर को मुरलीधर को मारपीट करने और 13 अक्टूबर को धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने पर 25 अक्टूबर को मुरलीधर ने तत्कालीन थानाप्रभारी भोपाल सिंह भाटी व जांच अघिकारी एएसआई शंकरलाल तथा मेडिकल ज्यूरिस्ट के खिलाफ गलत जांच करने का मामला दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप है कि इस मामले को लेकर पुलिस मुरलीधर को प्रताडित कर रही थी।
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