मनरेगा में बोडवा व कौशलू में लाखों का घपला

जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, अधिशासी अभियंता ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को सौंपी जांच रिपोर्ट, गैर पंजीकृत फर्मों से बीएसआर दरों से अधिक दरों पर खरीदी निर्माण सामग्री
बाड़मेर पंचायत समिति सिणधरी की ग्राम पंचायत बोड़वा व कौशलू में मनरेगा योजना से स्वीकृत कार्यों में लाखों रुपए का घपला उजागर हुआ है। संबंधित पंचायतों के जिम्मेदारों ने कायदे ताक पर रखते हुए चहेतों की फर्मों को लाभ पहुंचाने के लिए आनन फानन में लाखों रुपए का भुगतान कर दिया। जबकि ये फर्में पंजीकृत तक नहीं थी। पिछले दो वर्षों के दौरान दोनों पंचायतों में करीब पांच लाख रुपए के घपले का खुलासा हुआ है। इसकी जांच रिपोर्ट मनरेगा के अधिशाषी अभियंता ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाड़मेर को सौंपी है। मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत बोड़वा व कौशलू में स्वीकृत ग्रेवल सड़क, टांका निर्माण कार्यों में घपला सामने आया है। ग्राम पंचायत कौशलू में वित्तीय वर्ष 2008-09 में स्वीकृत कार्यों के लिए निर्माण सामग्री में अनियमितताएं बरती गईं। इस दौरान गैर पंजीकृत फर्मों से सामग्री क्रय की गई। एक ही फर्म से अलग-अलग दरों से सामग्री क्रय कर करीब दो लाख रुपए की अनियमितताएं बरती गईं। इसी तरह ग्राम पंचायत बोड़वा में वित्तीय वर्ष 2007-08 से 2009-2010 में स्वीकृत निर्माण कार्यों के लिए सामग्री बीएसआर दरों से अधिक दर पर खरीदी गई। इतना ही नहीं सरपंच व ग्राम सेवक ने संबंधित फर्मों को भुगतान भी कर दिया। पंचायत ने बिना टेंडर जारी किए गैर पंजीकृत फर्मों से सामग्री क्रय कर करीब दो लाख रुपए का घपला किया। दोनों पंचायतों ने नियमों को ताक पर रखते हुए मनरेगा योजना से स्वीकृत कार्यों में अनियमितताएं बरती। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत कौशलू में मनरेगा से स्वीकृत कार्यों के लिए अलग अलग छह अपंजीकृत फर्मों से करीब 40 लाख रुपए की सामग्री खरीद की गई। ताज्जुब की बात है कि ग्राम पंचायत ने बिना निविदाएं आमंत्रित किए चहेतों की फर्मों से बीएसआर दरों से अधिक राशि दर्शाते हुए भुगतान कर दिया।

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