राजस्थान में लक्ष्य से अधिक सड़कों का निर्माण

राजस्थान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 48 हजार चार सौ इक्कीस किलोमीटर सड़क का निर्माण कर दूरस्थ गांवों को सड़कों से जोड़ा गया।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रायोजित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दूरस्थ गांवों को सड़क से जोड़ा जा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग योजना का क्रियान्वयन कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू होने से पहले राजस्थान में 34 लाख किलोमीटर क्षेत्रफल में 39 हजार 954 गांवों में से पचास प्रतिशत गांवों में ही डामर सड़कों से जुड़े हुए थे।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सितंबर 2011 तक सात हजार आठ सौ सत्ताइस करोड़ रुपये खर्च कर 48 हजार 421 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया। उन्हाेंने कहा कि इससे दस हजार छह सौ 99 गांव जुड़ गए।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान में जनसंख्या के आधार पर इस योजना से पांच सौ से अधिक आबादी के नौ हजार एक सौ 69 गांवों तथा मरूभूमि एवं जनजाति क्षेत्रों में दो सौ पचास से अधिक आबादी के एक हजार सात सौ बासठ गांवों को डामर की सड़कों से जोड़ा गया।
सूत्रों ने बताया कि इन गांवों में पांच हजार पांच सौ करोड़ रुपये की लागत से छतीस हजार पांच सौ किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा तीन हजार तीन सौ पैसठ करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त बारह हजार किलोमीटर सड़कों के सुदृढ़ीकरण की मंजूरी मिली है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग सूत्रों के अनुसार भारत सरकर से चालू वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए प्राप्त नवीन सैद्धांतिक स्वीकृतियों के तहत एक हजार से अधिक आबादी के सामान्य क्षेत्रों में 500 एवं उससे अधिक आबादी के मरू एवं जनजातिय क्षेत्रों में एक हजार 76 बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए तीन हजार छह सौ तीन किलोमीटर लंबी सड़कों के लिए आठ सौ पच्चासी करोड़ रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि सामान्य क्षेत्रों में पांच सौ एवं इससे अधिक आबादी के छह सौ 99 गांवों के लिए एक हजार नौ सौ 44 किलोमीटर सड़कों पर पांच सौ उनतीस करोड़ रुपये की राशि के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए थे। भारत सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के सितंबर माह तक 254.10 किलोमीटर नवीन सड़क निर्माण एवं सुदृढीकरण पर एक सौ 72 करोड़ चौदह लाख रुपये खर्च कर तेरह गांव जोड़े गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश इस नीति के तहत आने वाले राजस्थान के सभी राजस्व गांवों की स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं। इसमें राज्य के पांच सौ एवं इससे अघिक आबादी क्षेत्र एवं दो सौ पचास या इससे अधिक आबादी के मरू एवं जनजातीय क्षेत्रों को हाथ में लिया गया है, जिनका कार्य मार्च 2012 तक पूरा हो जाएगा।

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