जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने 100 दिव्यांग बच्चो का कराया स्वास्थ्य परीक्षण
बाड़मेर।
सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय मंे अध्ययनरत मूलाराम एवं भभूताराम अगले 15 दिन बाद आमजन की तरह देख सकेंगे। जिला कलक्टर सुधीर शर्मा के प्रयास की बदौलत इनके आपरेशन का समुचित व्यय केयर्न इंडिया वहन करेगी। इसके अलावा 16 अन्य दिव्यांग विद्यार्थियांे को सहायक उपकरण वितरण किए जाएंगे, जो उनके शिक्षण मंे काफी मददगार साबित होंगे।
बाड़मेर जिले के सवाउ पदमसिंह निवासी मूलाराम (15) पुत्र भोमाराम एवं भभूताराम (12) पुत्र गोरधनराम निवासी पायलाकला दृष्टिबाधित होने के कारण बाहरी दुनिया से बेखबर है। अब तक सिर्फ आवाज अथवा किसी भी घटनाक्रम को महसूस कर सकते है। जिला मुख्यालय पर 2 अक्टूबर 2016 को आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने दिव्यांगांे को रामधुन एवं अन्य भजनांे की प्रस्तुति करते हुए देखा तो उन्हांेने सोचा कि क्यों नहीं इनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए। चिकित्सकीय परीक्षण की वजह से कुछ बच्चांे को फायदा मिल सकता है। इस पर उन्हांेने प्रमुख चिकित्साधिकारी को सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय मंे रहने वाले समस्त बच्चांे का समुचित चिकित्सकीय परीक्षण कराने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर हुई जांच के दौरान कुछ बच्चांे को आपरेशन अथवा अन्य उपचार के जरिए उनके जीवनशैली मंे सुधार होने की उम्मीद दिखाई दी। इस पर अंधजन मंडल अहमदाबाद के नेत्ररोग विशेषज्ञ डा.सुमन मित्रा से दुबारा इनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। इसमंे मूलाराम एवं भभूताराम की आपरेशन के उपरांत रोशनी लौटने का भरोसा दिलाया गया। वहीं 16 अन्य दिव्यांग विद्यार्थियांे को लो विजन, रिडिंग स्टेंड, माइक्रो लैंस, पावर लैंस सरीखे उपकरणांे के लिए चिन्हित किया गया। इनको यह उपकरण मिलने से अध्ययन करने मंे खासी सहुलयित होगी। सवाउ पदमसिंह निवासी मूलाराम जन्म से दृष्टिबाधित है। वहीं पायलाकला निवासी भभूताराम मानसिक विमंदित है। नेत्र रोग विशेषज्ञांे के मुताबिक इसके दोनांे आंखांे मंे मोतियाबिंद है। अगर समय पर इसका आपरेशन नहीं होता तो स्थिति बेहद विकट हो जाती है। जिला कलक्टर सुधीर शर्मा के प्रयासांे की बदौलत आगामी 15 दिनांे मंे होने वाले इनके आपरेशन का जिम्मा केयर्न इंडिया उठाएगी। सत्य साई अंध एवं मूक बंधिर विद्यालय मंे 100 बच्चे अध्ययनरत है। इसमंे 35 बच्चे दृष्टिबाधित एवं 40 मानसिक रूप से विमंदित है। इनको ब्रेल लिपि से अध्ययन कराया जाता है। इसमंे मूलाराम सातवीं कक्षा एवं भभूताराम कक्षा प्रथम मंे अध्ययनरत है। जिला कलक्टर सुधीर शर्मा के मुताबिक जिले मंे दिव्यांगांे को हरसंभव मदद दिलाने की दिशा मंे हरंसभव प्रयास किए जा रहे है। उनके मुताबिक इन बच्चांे के आपरेशन के बाद इनकी आंखांे मंे रोशनी लौट आएगी, जो किसी ख्वाब के साकार होने से कम नहीं होगा।

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