बाड़मेर बाजार में छाई आर्थिक मंदी, दुकानों में पसर गया सन्नाटा
बाड़मेर 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार को देश के नाम संदेश के बाद से पूरे देश में खलबली मची हुई है। महावीर नगर स्थित मुख्य डाकघर में वित्तीय लेन-देन बंद होने की वजह से सन्नाटा छाया रहा ग्राहकों से ने तो स्पीड पोस्ट पर रजिस्ट्री स्वीकार की गई और ना ही उनके खाते में जमा करवाने के लिए पैसे स्वीकार किए गए।
शहर में कई जगहों पर नोटिस लगाया गया है कि 500 और 1000 के नोट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। कहीं दुकानदार यह कहते हुए 500 और 1000 के नोट स्वीकार नहीं कर रहे हैं कि उनके पास जो नोट पहले से मौजूद हैं वही निकाल लें तो बड़ी बात है। पूरे शहर की दुकानों पर सन्नाटा नजर आ रहा है, जिन लोगों के पास हजार व 500 के नोट हैं उन्हें बिना सामान दिए वापस लौटाया जा रहा है।
शहर के पेट्रोल पंपों पर बुधवार को दूसरे दिन भी वाहन चालकों की कतारें लगी रही। वाहन चालक 500 और 1000 के नोट लेकर पेट्रोल डीजल भरवाने के लिए पहुंच रहे थे। अधिकांश वहान चालक खुल्ले पैसे मांग रहे थे, लेकिन पेट्रोल पंप के सेल्समैनों के पास खुल्ले पैसों की कमी हो जाने के कारण जहां कई लोग खुले पैसे के लिए इंतजार करते देखे गए। कई लोग बगैर तेल भरवाए भी चलते बने।
रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों के पास खुले पैसे नहीं होने की वजह से उन्हें टिकट लेने में परेशानी आ रही है हालांकि रोडवेज के टिकट बुकिंग खिड़की पर 1000 और 500 नोट लिए जा रहे हैं लेकिन खुले रूपए नहीं होने से परेशानी आ रही है।
कलेक्ट्रेट के अंदर और बहार केंटीन पर भी बुधवार को सूनापन रहा। ललित जोशी बताते है की हर रोज की अपेक्षा आज के दिन ग्राहकी का हुई जो सामान रोज जितना बिकता है उससे आधा भी नहीं बिका। आज के दिन कुछ लोग तो इसलिए कलेक्ट्रेट नहीं आए क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उनके पास खुल्ले पैसे नहीं हैं और कुछ लोग हैं जिनके पास 500 और 1000 का नोट होने की वजह से वेंडर ने स्वीकार नहीं किए। वहीं इस ऊहापोह की स्थिति में भी बैंक वाले अपना काम कर रहे हैं।

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