‘पुलिस की सांठगांठ से पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता’
बाड़मेर
जिले में पिछले तीन माह में दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है। न्याय की चौखट पर जा रहे पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना तो दूर, पुलिस दोषियों से सांठगांठ कर दर्ज मामलों में एफआर दे रही है। इसी वजह से ऐसे में दोषी लोगों के हौंसले बुलंद हो रहे है और दलितों पर लगातार अत्याचार हो रहा है। पुलिस मामलों को हल्के में लेकर दोषियों को बचाने का काम रही है। यह विचार दलित अत्याचार निवारण समिति के संयोजक उदाराम मेघवाल ने कलेक्ट्रेट के बाहर महापड़ाव में दलितों को संबोधित करते हुए रखे। इस दौरान जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल, आदूराम मेघवाल, सोनाराम टाक, किशनलाल सहित कई दलित नेता मौजूद रहे। 
दलित अत्याचार निवारण समिति की ओर से बुधवार को कलेक्ट्रेट के बाहर महापड़ाव देकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया है। आरोप है कि दलितों पर लगातार हो रहे अत्याचार के मामलों को पुलिस हल्के में लेकर दोषियों का सहयोग कर रही है। इससे दलितों पर हमले बढ़ रहे है। सभा को जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल ने भी संबोधित करते हुए कहा कि दलितों पर अत्याचार को रोकने के लिए समाज को एकजुट होकर सरकार को ललकारना होगा। पुलिस और आरोपियों की सांठगांठ से पीडितों को न्याय नहीं मिल पाता। सोनाराम टाक, आदूराम मेघवाल, किशनलाल, भूराराम भील, पोकरराम, मोतीराम, जोगराजसिंह, सेखाराम मेघवाल, मूलाराम मेघवाल, फूलचंद सहित कई लोगों ने सभा को संबोधित करते हुए पुलिस पर जानबूझ कर दलितों की एफआईआर में कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप लगाए। 
दलितों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर विरोध-प्रदर्शन किया। भारी भीड़ के कारण कलेक्ट्रेट गेट के बाहर मुख्य मार्ग जाम हो गया। 
कलेक्टर को सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन :
 दलितअत्याचार निवारण समिति के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि बाड़मेर जिले में दलित उत्पीड़न, शोषण, दुष्कर्म जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस प्रभावी एवं कानून के हिसाब से कार्यवाही नहीं कर रही है। महिलाओं का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो चुका है। यहां तक अपने हक अधिकार वाले खेतों में खेती करने में असमर्थ है। 24 घंटों के भीतर दलितों के मामले में पुलिस कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करें, नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 
कलेक्ट्रेटके आगे अनिश्चितकालीन महापड़ाव : 
बाड़मेरकलेक्ट्रेट के बाहर अनिश्चितकालीन महापड़ाव दिया गया है। संयोजक उदाराम ने बताया कि पुलिस जब तक दोषियों काे गिरफ्तार नहीं करेगी तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को सभा में सवाईराम, हरखाराम, मूलाराम पूनड़, लक्ष्मण वडेरा, महेंद्राराम त्रिमोही, खुमानाराम सहित जिलेभर से दलित समाज के सरपंच, पंचायत समिति सदस्य सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

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