बाड़मेर 7 वें दिन भी जारी रहा दलितों का महापड़ाव,प्रदर्शन कर एडीएम को दिया ज्ञापन, कल काली पट्टी बांधकर करेगें प्रदर्शन
बाड़मेर। 
जिला कलक्ट्रेट के बाहर दुष्कर्म, जानलेवा हमले, रहवासी मकान एवं खेतों से बाहर धकेल कब्जे करने जैसे गंभीर अपराध तथा अत्याचारों से दुखी दलित समुदाय के लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहा महापड़ाव सातवें दिन भी मंगलवार को जारी रहा। दलित अत्याचार निवारण समिति के संयोजक उदाराम मेघवाल ने बताया कि मंगलवार को बड़ी संख्या मे एकत्रित दलित लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन के विरूद्व नारेजबाजी कर एडीएम को अपना ज्ञापन सौंपा। एडीएम से पुलिस कार्यवाही को लेकर बातचीत भी की गई। उन्होने बताया कि बारिश के दिनों मे गरीब एवं पिछड़े दलित लोग खेती के बजाय न्याय के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं। धरना स्थल पर आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग पहुंचे और पुलिस से न्याय एवं सुरक्षा की मांग की। उन्होने बताया कि 3 महिनों मे हुए 28 से अधिक आपराधिक मामलों मे अधिकतर बेहद गंभीर हैं लेकिन पुलिस नामजद आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार करने के बजाय सरंक्षण दे रही हैं। वार्ता मे भी पुलिस का रवैया दलित समुदाय के प्रति ठीक नजर नही आ रहा है। धरने को सम्बोधित करते हुये रामदास सांगेला ने कहा कि शासन व पुलिस प्रशासन के साथ- साथ इन्द्र भगवान भी हमारे आन्दोलन व संघर्ष की परीक्षा ले रहा है। लेकिन दलितों का मनोबल नहीं टूटेगा। शासन व पुलिस की भलाई इसमें है कि जायज मांगे तत्काल पुरी करें। लोजपा के हरखाराम मेघवाल ने कहा कि कल वार्ता के दौरान एसपी साहब ने धरना स्थल को रास्ता रोकने की बात कह करके हमारे संघर्ष व दलित समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य किया है। तथा हम कल सभी धरनार्थी काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन करेेगें। महाबार के कृपाराम मंगलिया ने कहा कि हम साधुवर्ती के लोग इस धरने में शामिल है और प्रशासन ने ज्यादा देरी की तो हम अपना देहदान करने को भी तैयार है। साथ ही महाबार के ठाकुरों ने मेघवालों के खेत में नेखम उखाड़कर अतिक्रमण किया है। तथा गरीबों के आने- जाने के रास्ते रोके गये है। महाबार के टाउराम मेघवाल ने कहा कि सोये हुये लोगों को जगाकर हमें लड़कर स्वाभिमान की मौत के लिये तैयार हो जाना चाहिए। एडवोकेट अमित धन्दे ने कहा कि पुरे जिले में चुने हुये दलित वर्ग के जनप्रतिनिधी सरपंचों को आन्दोलन में शामिल किया जाने का प्रयास किया जाना चाहिए। कालुराम गर्ग कहा कि संगठित रहेगें तो अपराधों में कमी आयेगी। पूर्व सैनिक रामाराम बामणिया ने कहा कि मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन व पुलिस हमारे आन्दोलन के प्रति कतई गंभीर नहीं है। हमने देश की सेवा में अपना जीवन बिताया है। और अब अगर सरकार ने हमारी जायज मांगे पुरी नही की तो न्याय के लिये हम जान देने को तैयार है। तालसर के सवाईराम मेघवाल ने बाबा साहेब के नारे की याद दिलाते हुए कहा कि जुल्म के खेतों में बगावत के बीज पैदा होते है। लीलाराम सिंगारिया ने कहा कि हर गांव ढाणी में सामाजिक चेतना का जागरण शुरू किया जाये। मूलाराम पुनड़ ने बाखासर के लीलाराम के हत्या काण्ड की याद दिलाते हुये कहा कि हमें बाखासर हत्या कांड के विरोध में जिस प्रकार उपखण्ड व तहसील मुख्यालय पर धरना देकर बाद में जिले में ऐतिहासिक प्रदर्शन करना चाहिए।
उन्होने बताया कि प्रदेश भर के दलित समुदाय के संगठनों से सम्पर्क किया जाकर समर्थन मांगा जा रहा हैं। आज धरने पर गाजीराम, पूजाराम पांधी का निवान, चेलाराम मंसुरिया, भंमराराम वणल जुड़िया, कानाराम बालवां, जोधाराम सुमरा, कालुराम भील, टाउराम बोस, राउराम, कानाराम कड़ेला, सवाईराम मेघवाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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