जहां भी मिलेगी गड़बड़ी वहां बंद होंगे हाउसिंग बोर्ड के कार्य - मुख्यमंत्री
जयपुर।
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने निर्देश दिए है कि प्रदेश भर में हाउसिंग बोर्ड के कामों की जांच की जाए और जहां भी गडबड़ी मिले वहां हाउसिंग बोर्ड के काम तुरन्त रोक दिए जाए। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों के निर्माण के बारे में इस बात की समीक्षा की जाए कि कहां हाउसिंग बोर्ड के मकानों की आवश्यकता है और कहां नही, इन तथ्यों को ध्यान में रखकर ही भविष्य में हाउसिंग बोर्ड मकान निर्माण की योजना बनाएं।
राजे गुरूवार को नागौर में बालवा रोड पर बन रहे हाउसिंग बोर्ड के मकानों का निरीक्षण कर रही थी। वे बिना बताए अचानक ही वहां पहुंची तो मौके पर बन रहे हाउसिंग बोर्ड के मकानों के निर्माण कार्य के उपयोग में लाई जा रही घटिया सामग्री देखकर बेहद नाराज हुई। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड के मकान अन्दर से भी देखें जिनमें हाथ लगाते ही प्लास्टर गिर रहा था। मकानों के निर्माण के बाद उनकी पानी से तिराई भी नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने वहीं से मुख्य सचिव श्री सी एस राजन से दूरभाष पर बात की और इस समूचे प्रकरण की भ्रष्टाचार निरोधक विभाग से जांच करवाने के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री नागौर कोआपरेटिव माकेर्टिंग सोसायटी के गोदाम में पहुंची । जहां किसानों को खाद वितरित किया जा रहा था। यहां उन्होंने किसानों से बातचीत की। खाद बीज का स्टॉक देखा। इसके पश्चात् श्रीमती राजे राजकीय डॉ. भीमराव अम्बेडकर छात्रावास पहुंची । जहां कक्षा 6 से 12 के छात्र अध्ययनरत है। छात्रावास की साफ सफाई एवं सभी बच्चों को पढते देखकर मुख्यमंत्री बेहद खुश हुई।

कहीं ये साफ - सफाई दौरे को देखकर तो नहीं
राजे ने सेठ श्री सरदार मल रावत मल देवडा राजकीय चिकित्सालय ताउसर का भी निरीक्षण किया। यहां पर साफ सफाई की समुचित व्यवस्था देखकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह देखकर अच्छा लगा लेकिन मैं हैरान हूं कि कही ये मेरे जिले के भ्रमण कार्यक्रम के दौरान ही तो नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम हर समय अपने कार्य स्थल को साफ सुथरा क्यों नहीं रख सकते। उन्होंने चिकित्सालय के इन्चार्ज डॉ. अंकुर शर्मा से स्वास्थ्य केन्द्र के कर्मचारियों व रोगिया की संख्या आदि के बारे में भी जानकारी ली।

गन्दे पानी के बीच बनाई पेयजल टंकी
जिले के रामसीया गांव में पेयजल आपूर्ति की टंकी को देखकर मुख्यमंत्री हैरान रह गई। यह टंकी गन्दे पानी से भरे गड्ढे के बीच में है और इसका ढक्कन भी खुला हुआ था। आश्चर्य की बात तो यह है कि टंकी पर सफाई की तारीख 28 अक्टूबर, 2015 अंकित है। जबकि इस टंकी में गन्दगी आज भी जमा थी। 

गौरव पथ के घटिया निर्माण पर नाराज हुई सीएम
गांव फिड़ौद में ग्रामीण गौरव पथ के निर्माण कार्य को देखकर मुख्यमंत्री बेहद नाराज हुईं। इस सड़क का निर्माण पिछले अगस्त महीने में पूरा हुआ है और दो महीने बाद ही सडक टूट गई है। इस पर श्रीमती राजे ने कहा कि इतना घटिया निर्माण कार्य बर्दास्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस सड़क के दोनों तरफ पानी की निकासी के लिए नालियां भी नहीं बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण की जांच के आदेश दिए। गांव फिड़ौद में ही मुख्यमंत्री ने अटल सेवा केन्द्र का भी निरीक्षण किया।

कलेक्टर को चढाया पानी की टंकी पर
मुख्यमंत्री ने फिडौद गांव में जर्जर हो चुकी पेयजल टंकी का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला कलेक्टर राजन विशाल टंकी पर चढ़ें और उसका अवलोकन किया तो पाया कि इस पेयजल टंकी में गंदा पानी जमा है। टंकी ऊपर से पूरी खुली हुई होने के कारण इसमें गन्दगी जमा हो रही है। इसी टंकी से गांव में पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी को दूरभाष पर इसकी जांच कराने के निर्देश दिए तथा दोषी अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ तुरन्त कार्यवाही करने को कहा।

सीएम ने तेजाजी मंदिर में दर्शन किए
राजे ने खरनाल गांव में वीर तेजाजी मंदिर में जाकर दर्शन किए तथा वहां पुजा-अर्चना की। उन्होंने यहां प्रदेश की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री अप्पाजी सिन्धिया की छतरियां पर भी गईं तथा वहां पूजा-अर्चना की। पुजारी ने यहां मुख्यमंत्री का चुनरी औढ़ाकर सम्मान किया।

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