टिकट वितरण से सामने आया भाजपा का अनुशासन: गहलोत
बीकानेर।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भाजपा को परोक्ष रूप से शनिवार को जमकर निशाने पर लिया। बीकानेर में पत्रकारों से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि साम्प्रदायिक ताकतें लोगों को गुमराह करके सत्ता हथियाना चाहती है। इन ताकतों की कोई नीति या विचारधारा नहीं है। ये ताकतें देश को बर्बाद करने पर तुली है।
गहलोत ने कहा कि भाजपा पिछले 65 वर्षो में कांग्रेस का विकल्प नहीं बन पाई है। लिहाजा कभी गौवंश को कभी मंदिर मस्जिद के नाम पर वह लोगों को भड़का कर नकारात्मक राजनीति कर रही है और इसके जरिये सत्ता में आना चाहती है। कांग्रेस के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए गहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने पिछले 65 सालों में देशहित में फैसले लिए है। कांग्रेस ने पिछले दस सालों के शासन मेंं जनता को कानून बनाकर शिक्षा, सूचना और भोजन के अधिकार दिए हैं।
केन्द्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों पर गहलोत ने कहा कि गठबंधन सरकार की समस्याएं होती है। दुर्भाग्यवश गठबंधन की मजबूरी के चलते कांग्रेस उचित समय पर सही जवाब नहीं दे पाई। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्हें जेल भिजवाया है। जबकि भाजपा के अध्यक्ष के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप साबित हुए। भ्रष्टाचार के आरोप में हटाये गये मुख्यमंत्री के खिलाफ उसने कोई कार्रवाई नहीं की। यह उनकी इस मुद्दे पर कथनी और करनी के अंतर को दर्शाता है।
अनुशासन के मुद्दे पर भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने कहाकि खुद को अनुशासित पार्टी कहने वाली भाजपा मेंं अनुशासन तार-तार हो रहा है। उप प्रधानमंत्री रहे और लौह पुरूष कहे जाने वाले लालकृष्ण आडवाणी को टिकट के लिए मारे-मारे फिरना पड़ रहा है। जसवंत सिंह बगावत पर उतारू है। राजस्थान की भाजपा सरकार के तीन महीने के काम की आलोचना करते हुए उन्होंने कहाकि उनके कार्य में गंभीरता ही दिखाई नहीं दी है। तीन महीने ऎसे ही बर्बाद कर दिए। 30 दिन तो योजना बनाने में लगा दिये।
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