अवैध खनन की रोकथाम के लिए सोमवार से संयुक्त अभियान
जयपुर।
प्रदेश में अवैध खनन की रोकथाम के लिए सोमवार 3 फरवरी से पांच विभागों पुलिस, वन, पर्यावरण, खनिज एवं परिवहन द्वारा एक माह के लिए संयुक्त

अभियान चलाया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं खनिज विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस अभियान को पूरी ताकत और तैयारी के साथ संचालित कर दोषियों के खिलाफ प्रभावी और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि राज्य स्तर पर इस विशेष अभियान की मॉनिटरिंग उप महानिरीक्षक (सतर्कता) खनिज विभाग द्वारा की जायेगी। जिला स्तर पर इस संयुक्त अभियान की मॉनिटरिंग जिला कलेक्टर स्तर पर की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्र में रोजगार की विपुल संभावनाएं हंै। इस क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए पॉलीटेक्निक एवं आई.टी.आई. में माइनिंग से सम्बंधित कोर्सेज आरम्भ किए जाएं।
श्रीमती राजे ने कहा कि वन विभाग द्वारा इको पर्यटन के लिए जो साइट विकसित की जा रही है, वहां पर्यटकों के ठहरने एंव उन्हें अन्य सुविधा प्रदान करने के लिए निजी सार्वजनिक सहभागिता (पी.पी.पी.) के आधार पर कार्य किए जाएं।
उन्होंने रणथम्भौर एवं सरिस्का टाइगर रिजर्व क्षेत्र के समीप गांवों के नागरिकों को रसोई गैस कनेक्शन लेने के लिए वन विभाग द्वारा दिए जा रहे अनुदान की समीक्षा करने के निर्देश दिए, जिससे यह जानकारी हो कि स्थानीय नागरिकों द्वारा इस सुविधा का निरन्तर लाभ उठाया जा रहा है अथवा नहीं क्योंकि गैस सिलेण्डर के निरन्तर उपयोग से जलाऊ लकड़ी पर उनकी निर्भरता नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने भू संरक्षण के लिए करवाये जाने वाले एनिकट, चैक डेम इत्यादि कार्य वाटर शेड के आधार पर अन्य विभागों से समन्वय कर करवाये जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जिस तरह से वन सुरक्षा समितियां वृक्षारोपण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं उसी के अनुरूप शहरों में भी ईको क्लब, स्वयं सेवी संस्था एवं औद्योगिक संस्थानों को वृक्षारोपण एवं इनके संधारण के लिए जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के माध्यम से वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा लगाये जाने वाले पौधे कितने जीवित रहे एवं कितने बड़े हुए हैं, इसको आधार मानकर उन्हें प्रोत्साहन राशि देने की योजना भी बनाए।
मुख्यमंत्री ने झालावाड़ स्थित राज्य में एक मात्र वन एवं उद्यानिकी कॉलेज की चर्चा करते हुए कहा कि यहां अध्ययनरत छात्रों को वन क्षेत्र में चल रहे प्रोजेक्ट कार्यों के साथ सीधे तौर पर जोड़ा जाए ताकि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान के आधार पर रोजगार प्राप्त करने में आसानी रहे।
खनिज विभाग की 60 दिवसीय योजना के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि निवेश प्रस्तावों के त्वरित निस्तारण के लिए खनिज निदेशालय में निवेश प्रोत्साहन सेल की स्थापना कर दी गई है। साथ ही राजस्व में वृद्घि के लिए भी विशेष अभियान संचालित होगा।
बैठक में मुख्य सचिव राजीव महर्षि, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण ओ.पी.मीणा, प्रमुख शासन सचिव वित्त सुभाष गर्ग, प्रमुख शासन सचिव जनजाति क्षेत्र विकास  सुदर्शन सेठी, प्रमुख शासन सचिव राजस्व तपेश पंवार, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव मुकेश शर्मा, आयोजना सचिव अखिल अरोरा, पी.सी.सी.एफ. राहुल कुमार सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top