थाने में आने वाले परिवादी को सुनें, तुरंत प्रकरण दर्ज करें: -पुलिस आयुक्त
जयपुर।
पुलिस आयुक्त श्री जंगा श्रीनिवास राव ने शहर में अपराध विशेष क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां चेतक, सिगमा वाहनों की प्रभावी तैनातगी, पार्क और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता से गश्त करने और आम जन की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शहर के थानों का निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने थानों में क्राईम रिकॉर्ड आगामी 15 दिन के अंदर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राव ने थानाधिकारियों को अपना सूचना तंत्र विकसित कर अपराधियों की धरपकड़ किए जाने पर जोर दिया तथा कहा कि जहां जो पुलिस अधिकारी या पुलिसकर्मी रात्रि में गश्त पर तैनात है, वह कार्यस्थल पर अवश्य मिले। निरीक्षण के दौरान यदि ड्यूटी पर अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।
पुलिस आयुक्त शनिवार को यहां राजस्थान पुलिस अकादमी में अपराध समीक्षा बैठक में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुपहिया, चौपहिया वाहनों का चेतक वाहन सघन निरीक्षण करें, परन्तु निरीक्षण के दौरान शिष्टाचार की पालना नहीं भूलें। उन्होंने मुख्य बाजारों, दुकानों, मॉल्स आदि में व्यवसाइयों से चर्चा कर वहां निजी सुरक्षा गार्डों की तैनातगी व सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के साथ ही पुलिस के पर्यवेक्षण में अपराधों पर नियंत्रण की पुख्ता कार्यवाही किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बैंक, वित्तीय संस्थाओं में सुरक्षा के लिए इनके प्रबंधकों, अधिकारियों के साथ बैठकें कर वहां पर सुरक्षा गार्ड, हाई रैजूलेशन के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने और सुरक्षा खामियों को दूर किए जाने के लिए भी समुचित कदम उठाए जाने के निर्देश दिये।
पुलिस आयुक्त ने राज्य सरकार की पुलिस कार्य योजना की पालना सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया तथा कहा कि केस ऑफिसर स्कीम को प्रभावी बनाया जाये। उन्होंने शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू किए जाने और पार्किंग के लिए स्थानीय लोगों और व्यवसायियों से चर्चा कर प्रभावी कदम उठाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोके जाने के लिए यातायात नियमों की पालना के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने पर जोर दिया।
राव ने महिला एवं बच्चों पर होने वाले अत्याचार, दुराचार आदि प्रकरणों को गंभीरता से लेने और इस सबंध में त्वरित मुकदमा दर्ज कर ठोस कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने दुर्घटना के मामलों में भी पीडि़त जिस थाने में भी पहुंचे, वहीं प्रकरण दर्ज कर राहत पहुंचाने पर जोर दिया। आपराधिक मामलों में थाना क्षेत्रों का हवाला देकर पुलिस द्वारा पल्ला झाडऩे की प्रवृति पर भी रोक लगाए जाने की उन्होंने हिदायत दी। उन्होंने कहा कि थानाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में वैश्यावृति, जुआ, सट्टेबाजी जैसे अपराधों पर भी कड़ी नजर रखे। ऐसे अपराधों में तुरंत और प्रभावी कार्यवाही हो। इस संबंध में कमिश्नरेट की टीम यदि कार्यवाही करती है तो संबंधित थानाधिकारी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा। उन्होंन बीट प्रणाली दुरस्त करने, थानों में सीएलजी का पुनर्गठन करने तथा इस सबंध में वेबसाईट पर अपडेट डाटा तुरंत फीड करने के निर्देश दिए। शिक्षण संस्थाओं के खुलने और बंद होने के समय पुलिस द्वारा विशेष निगरारी रखे जाने और वहां पर शिकायत बॉक्स रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक लगाए जाने पर भी जोर दिया।
संपति अपराधों का डाटा बेस तैयार किया जाए
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री बिपिन कुमार पाण्डेय ने शहर में चोरी की वारदातों पर चिंता जताते हुए कहा कि थानाधिकारी तीन साल के चालानसुदा अपराधियों की अपने यहां तुरंत सूची बनाएं। संपति अपराधों का डेटा बैस तैयार किया जाए तथा अपराध की प्रवृति को ध्यान में रखते हुए निरोधात्मक कार्यवाही भी त्वरित की जाए। उन्होंने वाहन चोरी, चैन स्नेचिंग प्रकरणों में थाना स्तर पर टीमें बनाकर अपराधियों की तलाश करने और बाहरी अपराधियों को भी पकड़े जाने के लिए सूचना तंत्र मजबूत किए जाने पर जोर दिया।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) ने पुलिस उपायुक्तों द्वारा अपने यहां साईबर विशेषज्ञ टीम भी गठित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़ी वारदातों के खुलासे की केस स्टडीज तैयार की जाए। इसका बाद में प्रस्तुतिकरण भी हो ताकि अपराधियों को पकड़े जाने के लिए केस खुलासे के बारे में सभी को पता चले। उन्होंने कुछ स्थानों को चिन्हित कर वहां पर न्यूनतम नाकाबंदी किए जाने के साथ ही आपराधिक वारदातों में त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सभी स्तरों पर किए जाने पर जोर दिया।
बैठक में पुलिस उपायुक्त (उत्तर) महेन्द्रसिंह चौधरी, पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) संजय श्रोत्रिय, पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ. अमनदीपसिंह कपूर, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कैलाश विश्नोई, पुलिस उपायुक्त (यातायात) श्रीमती लवली कटियार, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) सत्येन्द्रकुमार, पुलिस उपायुक्त (अपराध) सवाईसिंह चौधरी ने भी विचार व्यक्त कियेे।
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