सेंट्रल जेल से छूटे 10 बंदी

सेंट्रल जेल से छूटे 10 बंदी
जयपुर।
 सेंट्रल जेल में कैद 10 बंदी सोमवार को महर्षि दयानंद जयंती पर रिहा कर दिए गए। राज्य भर में कुल 159 कैदियों को सजा में छूट दी गई। ये अपनी तीन चौथाई सजा पूरी कर चुके थे। किसी के दो साल बाकी थे, तो किसी के तीन साल, लेकिन वक्त से पहले छूटे तो खुशी का ठिकाना न रहा। कुछ के घरवाले भी उन्हें लेने आए और बरसों बाद बिना पाबंदी के मिले।
सरकार की घोषणा के बाद कैदियों की सूची पहले ही तैयार थी। सूची में वैसे तो 12 नाम थे, लेकिन दूसरे मामलों में विचाराधीन होने पर दो कैदियों को नहीं छोड़ा गया। बाकी रातभर सुबह का इंतजार करते रहे। सुबह होते ही बैरक खुली तो नहा-धोकर तैयार हो गए। जेल वाली पोशाक छोड़ अपनी पसंद के कपड़े पहने, बैग तैयार किया और 11 बजे जैसे ही नाम पुकारे गए तो बाहर निकले। बाहर परिजनों की नजर जेल के गेट पर ही थी। लगभग एक घण्टे की कागजी कार्यवाही के बाद जैसे ही ये बंदी बाहर आकर घरवालों से मिले तो खुशी के आंसू छलक आए। 
सरकार की घोषणा पर कैदियों की सजा में छूट दी गई। इनकी सजा कम होने पर नियमानुसार रिहा किया गया। 17 अन्य स्थाई पेरोल वाले कैदियों को भी छोड़ा गया। प्रमोद कुमार शर्मा, उप जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार


नाम पता जेल में बिताया वक्त 
पप्पू हसनपुरा (जयपुर) 7 साल 2 माह 
शंभूदयाल सिकंदरा (दौसा) सात साल 
पून्याराम बांदीकुई (दौसा) आठ साल दो माह 
सतीश बैरवा बांदीकुई (दौसा) साढ़े सात साल 
नरेंद्र सिंह निवाई (टोंक) साढ़े छह साल 
भुवन साहू करीमनगर (असम) सात साल 
क्रेशपाल जसवंत नगर, (उप्र) सात साल 
कमलेश नामा बनेठा (टोंक) 6 साल 11 माह 
कन्हैया दौसा आठ साल 
महादेव नागपुर (महाराष्ट्र) साढ़े सात साल

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