सभी केंद्र प्रभारियों को किया पाबंद, कंट्रोल रूम स्थापित
बाड़मेर।
मौसम परिवर्तन और सर्दी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी बीमारियों व संभावित स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष एहतियात उठाए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. फूसाराम बिश्नोई ने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्क रहने के सख्त निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमएचओ डाॅ. बिश्नोई ने राज्य सरकार की मंशानुरूप सभी प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलास्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्नोई ने बताया कि सीएमएचओ डाॅ. बिश्नोई ने केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे स्वाइन फ्लू पाॅजीटिव रोगी पाए जाने दिए गए निर्देशानुसार उनका उपचार तुरंत प्रभाव से करें। रोगी के संपर्क में आए व्यक्तियों में सर्दी, खांसी, जुखाम एवं गले में दर्द के लक्षण पाए जाने पर उनका प्रोफाइलेक्टिक उपचार कराया जाना एवं आस-पास के क्षेत्र के 50 घरों का सर्वे करवाया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही सर्वे के दौरान पाए गए आईएलआई लक्षण वाले रोगियों को भी तुरंत उपचार करें। वहीं सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवा उपलब्ध रखने के लिए भी निर्देशित किया गया है। मौसमी बीमारियों के चलते जिलास्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। वहीं राज्यस्तर पर स्थित टोल फ्री नंबर 104 पर मरीजों व उनके परिजनों को स्वाइन फ्लू संबंधी आवश्यक जानकारी दी जाएगी। सीएमएचओ डाॅ. बिश्नोई ने सभी बीसीएमओ को निर्देशित करते हुए कहा है कि अपने अपने क्षेत्र में रेपीड रेस्पोंस टीमों को सुदृढ़ीकरण करते हुए स्वाइन फ्लू से प्रभावित क्षेत्रों में टीम भेज कर आवश्यक कार्रवाई करें। इसके साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य समितियों की बैठकों में आमजन को मौसमी बीमारियों की रोकथाम, बचाव, नियंत्रण व उपचार की व्यवस्था के बारे में अवगत करवाए जाने के लिए भी केंद्र प्रभारियों को पाबंद किया गया है। राज्य सरकार द्वारा जिला अस्पतालों में 24 घण्टे सैंपल कलेक्शन, आइसोलेशन वार्ड एवं आईसीयू में आवश्यक उपकरण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आमजन रखें ख्याल
सीएमएचओ डाॅ. फूसाराम बिश्नोई ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि खांसते व छींकते समय रूमाल का प्रयोग करें। मुंह पर मास्क पहनें, बार-बार साबुन से हाथ धोएं। जुखाम, खांसी व बुखार के लक्षण होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें। सर्दी के मौसम को देखते हुए रोग के लक्षण वाले मरीजों को शहर से बाहर यात्रा न करने की सलाह दी जाती है। संस्था प्रधान भी अपनी संस्था में सामुहिक आयोजन, प्रार्थना सभा, वार्षिक उत्सक, मेले आदि कार्यक्रमों को आशंका के आधार पर स्थगित रखें।
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