राजपाल यादव को झटका, जेल भेजा
नई दिल्ली।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। दिल्ली के एक उद्यमी ने राजपाल और उनकी पत्नी पर पांच करोड़ रूपए वापस न करने के संबंध में मामला दर्ज कराया था और न्यायालय ने इस मामले में तथ्य छुपाने के आरोप में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा है।
न्यायाधीश ने इस जोड़े का पक्ष रख रहे दो वकीलों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी किया है, क्योंकि उन्होंने इस दंपत्ति का नकली हस्ताक्षर सहित हलफनामा सोमवार को दायर किया था।
न्यायालय इस दंपत्ति के व्यवहार और वकीलों द्वारा 2 दिसंबर को यह तथ्य छिपाए जाने से नाराज था कि राजपाल की पत्नी राधा गाजियाबाद में हैं और वह न्यायालय पहुंचेंगी। इस जोड़े को सोमवार को न्यायालय में उपस्थित होना था। राजपाल वहां कुछ समय के लिए थे।
राधा मुंबई थीं लेकिन राजपाल के वकील ने बताया कि वह गाजियाबाद में हैं। न्यायालय ने मामला मंगलवार को सुनाई के लिए रखा और दोनों से उपस्थित होने की मांग की है। यह दंपत्ति मंगलवार को न्यायालय में उपस्थित हुआ जहां राजपाल को जेल भेज दिया गया जबकि पत्नी को रजिस्ट्रार जनरल के दफ्तर भेजा गया।
न्यायाधीश मुरलीधर ने कहा, जहां तक राधा का सवाल है, न्यायालय नरम रूख अख्तियार करता है क्योंकि उसके साथ छोटा बच्चा है। वह न्यायालय की कार्यवाही समाप्त होने तक रजिस्ट्रार जनरल के कक्ष में रहेंगी।
राजपाल को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद न्यायालय ने कहा, न्यायालय ने राजपाल को 10 दिन के सामान्य कारावास में भेजते हुए पुलिस को उन्हें हिरासत में ले जाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने इस दंपत्ति की संपत्ति और एक्सिस बैंक में उनके खाते और उनकी कंपनी को जब्त करने के आदेश दिए हैं।
राजपाल और राधा के खिलाफ मुरली प्रोजेक्ट्स के मालिक एम.जी.अग्रवाल ने पांच करोड़ रूपये न चुकाने का मामला दर्ज कराया था, जो रकम उन्होंने हिंदी फिल्म "अता पता लापता" के निर्माण के लिए 2010 में उनसे ली थी।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें