केजरीवाल को 3 जनवरी तक साबित करना बहुमत!
नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल 28 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वे 12 बजे दिल्ली के रामलीला मैदान में छह मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे। यह पहला मौका होगा जब दिल्ली का कोई मुख्यमंत्री खुले में शपथ लेगा। एक समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक उपराज्यपाल नदीब जंग ने केजरीवाल को बहुमत साबित करने के लिए 3 जनवरी तक का समय दिया है और 1 जनवरी को दिल्ली विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की संभावना है।
इससे पहले, सरकार बनने के 15 दिन के भीतर जनलोकपाल कानून लाने का वादा करने वाले केजरीवाल अब कानूनी बारीकियों की दुहाई देकर अपने वादे से पीछे हट रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने एक आदेश पारित किया है,इसके चलते दिल्ली में जनलोकपाल बिल के लिए केन्द्र की मंजूरी जरूरी होगी।
आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि अगर पार्टी की सरकार बनती है तो 29 दिसंबर को रामलीला मैदान में विशेष सत्र बुलाकर जनलोकपाल बिल पारित किया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पार्टी की सरकार बनते ही 24 घंटे के भीतर लोगों को 700 लीटर मुफ्त पानी मिलना शुरू हो जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में पूरे बिजली वितरण की ऑडिट कराई जाएगी। कौशांबी में अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि
केजरीवाल ने कहा कि हमने 18 मुद्दों पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों से मिल चुके हैं और काम शुरू हो चुका है। पार्टी के विधायक विनोद कुमारी बिन्नी की कथित नारजगी पर केजरीवाल ने कहा,मेरा सोचना है कि अब सब कुछ ठीक है। बिन्नी मेरे पास आए थे। उन्होंने कहा कि मुझे कोई पद नहीं चाहिए। उन्होंने मिशन के लिए आप ज्वाइन की थी। बिन्नी ने कहा है कि वह असंतुष्ट नहीं है।
समर्थन को लेकर कांग्रेस में मतभेद की खबरों पर केजरीवाल ने कहा कि यह उनकी समस्या है। हम मुद्दों के आधार पर सरकार बनाने जा रहे हैं। उन्होंने बिना शर्त समर्थन दिया है। भाजपा ने भी कहा है कि वह मुद्दों पर आधारित समर्थन देगी। हम 18 मुद्दों को विधानसभा के समक्ष रखेंगे। हमारा किसी भी दल से गठबंधन नहीं है। मैंने अन्ना हजारे को व्यक्तिगत रूप से शपथ ग्रहण समारोह में आने का न्योता दिया है।
आप का कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं है : योगेंद्र
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता योगेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का न तो कोई गठबंधन है, न तालमेल है और न सहमति ही। उन्होंने कहा कि यदि आप को अपने मुद्दों पर समर्थन नहीं मिलेगा तो वह सत्ता से बाहर हो जाएगी।
योगेंद्र ने संवाददाताओं से कहा, हमने हमेशा स्पष्ट किया है कि कांग्रेस पार्टी के साथ हमारा न तो कोई गठबंधन है, न कोई तालमेल है और न कोई सहमति ही। ऎसे में हमारे पास न तो कोई अधिकार है और न जवाबदेही ही और हमें यह भी नहीं कहना है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।
योगेंद्र ने कहा, वे एक स्वतंत्र परिप' राजनीतिक दल है, इसलिए यह उनका अपना निर्णय है। मैं रेखांकित करना चाहूंगा कि हमारे पास संख्या बल है और हम अपना एजेंडा क्रियान्वित करने जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि आप ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में 28 सीटें जीती है और पार्टी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस को चुनाव में आठ सीटों पर जीत हासिल हुई है। भाजपा को यद्यपि सर्वाधिक 31 सीटें मिली हैं, लेकिन बहुमत से दूर रहने के कारण उसने सरकार न बनाने का फैसला किया।
योगेंद्र ने कहा कि वे 18 मुद्दों और 28 विधायकों के साथ विधानसभा में जाएंगे और समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने कहा, हम आशा और उम्मीद करेंगे कि मुद्दों की प्रकृति के कारण हमें समर्थन मिलेगा। यदि हमें समर्थन नहीं मिलता है तो हम बाहर आ जाएंगे।

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