कांग्रेस वंशवाद छोड़ दे, मैं शहजादा कहना छोड़ दूंगा : मोदीकांग्रेस वंशवाद छोड़ दे, मैं शहजादा कहना छोड़ दूंगा : मोदी
पटना। 
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पटना के गांधी मैदान पर आयोजित "हुंकार रैली" में कहा कि ये रैली नहीं, भारत की महाशक्ति का अनुष्ठान है। बिहार की माटी के बिना परिवर्तन संभव नहीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगो को छोड़कर राज्य के लोग असरवादी नहीं हैं। ये हुंकार देश की गरीबों की हुंकार है। 
मोदी ने अपना भाषण भौजपुरी और मैथिली भाषा मे शुरू किया। हालांकि, रैली शुरू होने से पहले गांधी मैदान में दस मिनट के अंदर पांच धमाके हुए थे, जिसका जिक्र मोदी ने अपने भाषण में नहीं किया। 
राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उनके मित्र हैं। उन्होंने कहा आपके मित्र ने भाजपा को क्यों छोड़ा, तो उन्होंने कहा कि जो जय प्रकाश नारायण को छोड़ सकता है, वो भाजपा को क्यों नहीं छोड़ सकता है। 
उन्होंने कहा कि नीतीश आंख मिचौली खेल रहे हैं। नीतीश ने भाजपा से नहीं, बिहार की जनता से विश्वासघात किया है। उन्हें भाजपा ने मुख्यमंत्री बनवाया। हमारे ज्यादा विधायक होने के बावजूद हमने सीएम की कुर्सी जदयू को दी। 
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादा विधायक होने के बावजूद हमनें राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से कहा कि प्रदेश में फिर से जंगल राज नहीं आना चाहिए, इसलिए हमने मोदी (सुशील) की जगह नीतीश को सीएम बनाया। 

वो वंशवाद छोड़ें, मैं शहजादा नहीं कहूंगा

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस को शहजादे शब्द से आपत्ति है। मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि अगर उसे शहजादे शब्द से दिक्कत है, तो वंशवाद से भी होनी चाहिए। अगर प्रतिद्वंद्वी पार्टी वंशवाद छोड़ दे तो मैं शहजादा कहना छोड़ दूंगा।

कांग्रेस ने महंगाई हटाने का वादा नहीं निभाया

नरेन्द्र मोदी ने कहा कि केंद्र मे सत्ता में पुन: लौटने पर कांग्रेस ने वादा किया था कि 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा किया था, लेकिन उसने अपना वादा पूरा नहीं किया। महंगाई कम होने की बजाए और बढ़ गई। 


रैली में नई तकनीक का इस्तेमाल
मोदी की टीम इस रैली को भव्य रैली बनाने की पूरी कोशिश में लगी हुई थी। भाजपा की तकनीक सेल ने जहां श्रोताओं के लिए मोबाइल पर भाषण सुनाने की सुविधाएं दी, वहीं रैली स्थल पर करीब तीस बड़ी स्क्रीनें लगाई गई। 


गठबंधन टूटने के बाद पहली महारैली
17 साल तक चले जदयू और भाजपा के गठबंधन के खत्म होने के बाद भाजपा की राज्य में यह पहली महारैली थी। जहां जदयू ने इस रैली को कॉरपोरेट रैली करार देते हुए कहा था कि इसको इन्कम टैक्स विभाग को अपने संज्ञान में लेना चाहिए। वहीं भाजपा ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि यह कॉरपोरेट रैली नही है।

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