मोदी फिर झुके, पर आडवाणी नहीं माने
भोपाल में आयोजित भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में पार्टी के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी और वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी के बीच खटास एक बार फिर नजर आई।मोदी और आडवाणी मंच पर साथ जरूर दिखे और आडवाणी ने अपने भाषण में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ-साथ मोदी की तारीफ भी की।लेकिन दोनों नेताओं का जब आमना-सामना हुआ, तो वह गर्मजोशी नहीं दिखी, जिसकी उम्मीद थी।आडवाणी ने मोदी को गुलदस्ता देकर मंच पर उनका स्वागत किया। मोदी ने गुलदस्ता पकड़ा और झुककर आडवाणी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।इस वक्त आडवाणी ने मोदी की तरफ नहीं देखा और सामने की तरफ देखते रहे। आडवाणी ने सिर्फ हाथ जोड़कर इस पर प्रतिक्रिया दी।इस मौके पर किसी भी नेता के चेहरे पर गर्मजोशी के भाव या मुस्कराहट नहीं दिखी। केवल यहीं नहीं मंच पर बैठते वक्त मोदी और आडवाणी के बीच राजनाथ सिंह बैठे थे।
जब भाषण देने के लिए राजनाथ उठे, तो दोनों के बीच कुर्सी खाली पड़ी रही और कोई बातचीत नहीं हुई। इस दौरान मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रभात झा इस कुर्सी पर पहुंचे और उन्होंने आडवाणी से कुछ बातचीत की। लेकिन मोदी और आडवाणी के बीच कोई संवाद नहीं हुआ।
भाजपा की ओर से मोदी को पीएम पद का दावेदार बनाए जाने के बाद आडवाणी और मोदी आज पहली बार एक मंच पर आए। इससे पहले 15 सितंबर को राम जेठमलानी की पार्टी में भी दोनों नेता पहुंचे थे, लेकिन वहां भी रिश्तों की ठंडक साफ दिखी थी।
अपने भाषण में आडवाणी ने मोदी की तारीफ की, लेकिन इस सूची में भाजपा के दूसरे मुख्यमंत्रियों को भी जोड़ा।

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