प्रशासन और कांग्रेस नेताओ में मचा हडकम्प ,ओवरब्रिज किया दोने तरफ से किया बद
राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय पर शहर के बीचोबीच बने ओवेरब्रिज को लेकर चल रहे उद्घाटन विवाद उस बढ़ गया जब गुरूवार की रोज अचानक ही भाजपा के स्थानीय नेता अपने सेकड़ो समर्थको के साथ करोड़ों रुपए की लागत से बने ओवरब्रिज का उद्घाटन कर दिया इसके बाद विवाद बढ़ता गया देखते ही देखते तमाशा खड़ा हो गया और पुलिस बल के साथ प्रशाशन और पुलिस के अधिकारी पहुचे गये तो भाजपा के स्थानीय नेता व् सेकड़ो समर्थको और पुलिस की हल्की झडप हो गई गोरतलब है कि पिछले लम्बे समय से लोगों का कहना था कि ओवरब्रिज का उद्घाटन हो या ना हो, लेकिन इसे यातायात के लिए खोल देना चाहिए।
जनता की ओर से काफी समय से ओवरब्रिज के उद्घाटन को लेकर मांग चल रही थी। लेकिन सरकार के नुमाइदे पूल के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निमंत्रण दे रहे थे। रिफाइनरी को लेकर चल रहे विरोध के कारण मुख्यमंत्री भी बाड़मेर में उद्घाटन से आनाकानी कर रहे थे। इस बीच दो माह से परेशान हो रही जनता ने पुल का उद्घाटन कर दिया। सैकड़ों की संख्या में मजदूर रैली के रूप में पुल पर पहुंचे और जहां मजदूर नेता लक्ष्मण वडेरा और भाजपा नेत्री मृदुरेखा चौधरी के नेतृत्व में नारियल से चढ़ाकर हवन किया गया। इसके बाद मिठाई बांटी और गुलाल उड़ाकर पूल को जनता के लिए खोल दिया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब पुलिस व कांग्रेस जनप्रतिनिधियों को भनक लगी तो मानो पैरों तले जमीन खिचक गई। भारी पुलिस बल को पुलिए पर तैनात कर दिया। ओवरब्रिज पर लगाए गए अवरोधकों को हटाते हुए जुलूस के रूप में सैकड़ों की भीड़ नारे बाजी करते हुए नेहरू नगर की तफर पहुंची, लेकिन वहां पुलिस पहले से मोर्चा जमाए हुए थी। पुलिस जवानों ने जब बेरिकेट लगाकर यातायात को रोका गया तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस और लोग उलझ गए। इस दौरान मजदूर नेता लक्ष्मण वडेरा और कोतवाल कैलाशचंद्र के बीच झड़प की हुई। जब भीड़ वापस राजकीय चिकित्सालय तक पहुंची तो पुलिस ने पुल को फिर से बंद करवा दिया। इस पर भीड़ आक्रोशित हो गई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गई। लोगों की मांग है कि जब तक पुल को पूर्ण रूप से खोला नहीं जाएगा तो धरना नहीं हटाए। इधर जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मौके पर भारी संख्या में आरएसी और राजस्थान पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया। भाजपा नेत्री मृदुरेखा चौधरी के मुताबिक शहर के लोग काफी समय ओवरबिरज का पूरा होने के बावजूद भी उद्घाटन के चक्कर में शरू नहीं किया जा रहा है और लोगों की मांग है कि जब पूल तैयार है तो उद्घाटन के चक्कर में जनता के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है। जबकि दो माह से लोग पुल के
चक्कर में परेशान हो रहे है।
पूल के उद्घाटन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। भारी संख्या में लोग पूल पर धरने पर बैठ गए और ओवरब्रिज को आमजन के लिए खोलने की मांग कर रहे है। जबकि जनता ने उद्घाटन तो कर दिया लेकिन पुलिस जवानों ने पुल को फिर से बंद कर दिया गया।
नरेन्द्र सिंह मीणा ,ADD SP ,बाड़मेर
बाड़मेर के इतिहास में पहली बार करोड़ों रुपए की लागत के पुल का उद्घाटन सरकार के इंतजार को छोड़ जनता ने कर दिया। राजनैतिक माहौल गर्माया हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के लोग भी पुलिए को उद्घाटन की मांग कर रहे है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि पुल के उद्घाटन को लेकर सरकार के मुखिया अशोक गहलोत का इंतजार कर रहे है।
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