15 सितंबर तक जेल में रहेंगे आसाराम 
जोधपुर। 
आसाराम बापू को कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। नाबालिग से यौन उत्पीड़न के मामले में कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अब आसाराम को 15 सितंबर तक जेल में रहना होगा।
जोधपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास (ग्रामीण) ने अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनीं जबकि बचाव पक्ष मंगलवार को ही दलीलें पेश कर चुका था।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोपहर में फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार शाम को फैसला सुनाते हुए व्यास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी आसाराम को जमानत पर छोड़ना न्यायोचित नहीं माना।
कोर्ट ने आसाराम (72) को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद से वह जोधपुर केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
अभियोजन पक्ष के वकील ने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा कि अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी। वकील ने कहा कि इस मामले के दो संदिग्ध अभी भी फरार हैं, ऎसे में उन्हें फिलहाल जमानत नहीं दी जा सकती है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने सवाल उठाया कि कथित घटना के कुछ दिनों बाद मामला क्यों दर्ज करवाया गया।
इस पर अभियोजन पक्ष के वकील आनंद पुरोहित ने कहा कि घटना के बाद लड़की सदमे में थी और इससे उबरकर साहस जुटाने और मामला दर्ज कराने में उसे समय लगा।
इंदौर स्थित आश्रम से गिरफ्तार किए गए आसाराम ने पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करने में भूल किए जाने का दावा करते हुए जमानत याचिका दायर की थी, जिस मामले में जमानत न मिलने का प्रावधान है।
पीडित लड़की ने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त को जोधपुर के बाहरी हिस्से में स्थित आसाराम के आश्रम में उसका यौन उत्पीड़न किया गया था। आसाराम ने इस आरोप से इंकार किया है।
शिवा तीन दिन के रिमांड पर
अदालत ने आसाराम के सेवादार शिवा उर्फ सवा को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। शिवा ने "बापू" के कई राज खोले हैं। शिवा के अनुसार आसाराम महिलाओं से कई बार एकांत में मिलते रहे हैं।


अपने बयान में सेवा ने बताया है कि आसाराम के पास अक्सर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, न्यायिक अधिकारियों और आला पुलिस अफसरों के फोनकॉल आते थे।


इस मामले में भी पीडिता को भूत-प्रेत भगाने के बहाने ही 14 अगस्त को यहां बुलाया गया था। आसाराम इससे वाकिफ थे।

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