सही कौन? सीएम या डीएम
लखनऊ। आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को लेकर घिरी उत्त्तर प्रदेश सरकार ने निलंबन को सही ठहराया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरूवार को कहा कि गौतमबुद्ध जिले की एसडीएम के खिलाफ जो कार्रवाई की गई है,वह सही है। उनके निलंबन के पीछे खनन माफिया का कोई हाथ नहीं है।
संवाददाताओं से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि दुर्गा (कथित तौर पर धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ना) ने जो काम किया,उसके लिए यह कार्रवाई उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी ने जो काम किया,उससे प्रदेश में माहौल खराब हो सकता था,इसलिए उन्हें निलंबन कर सरकार ने सही कदम उठाया है। वहीं,जिले के जिलाधिकारी (डीएम) ने सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नागपाल ने दीवार नहीं गिराई। स्थानीय लोगो ने स्वयं दीवार को गिराया।
रिपोर्ट के मुताबिक,प्रशासन ने नागपाल को कडलपुर गांव में जाकर यह जांच करने के आदेश दिए थे की क्या वहां सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण तो नहीं हो रहा।
अधिकारी को पहले ही निर्देश दे दिए गए थे की प्रशासन की किसी भी कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव नहीं होना चाहिए,नागपाल और उनके साथ गए अन्य अधिकारियों ने गांव वालों से कहा निर्माणाधीन धार्मिक भवन का काम जारी रखना है तो उन्हें सरकार से इजाजत लेनी होगी,नहीं तो उन्हें स्वयं निर्माणाधीन भवन को ध्वस्त करना होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गांव के लोगों ने दूसरा विकल्प चुना और स्वयं अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
नागपाल और उनके साथ गए अधिकारियों ने किसी भी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं किया। साथ ही,यह भी कहा गया है कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट मे सांप्रदायिक तनाव या दंगा होने जैसी बातें होने की संभावनाओं से इनकार किया है।
सरकार के फैसले को जायज ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा ने जो किया उससे सांप्रदायिक माहौल बिगड़ सकता था। हालांकि,उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया की अधिकारी को खनन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के कारण उन्हें निलंबित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई उनकी कार्यशैली को लेकर करती है,न की किसी माफिया समूह के कहने पर। नागपाल के निलंबन वापस लेने की मांग कर रही आईएएस लॉबी को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा की जब कुछ समय पहले एक आईएएस अधिकारी की रहस्यमय ढंग से मौत हो गई थी,तब आईएएस एसोएिशन कहां थी।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) पर भी निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि एक पार्टी हमें ईमानदारी पर सीख देने की कोशिश कर रही है,सबको पता है कि पाचं साल तक यूपी में सत्ता में रहते हुए वह कितनी ईमानदार थी।
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