प्रार्थना में मिला था अपमान का घूंट 
चितावा (नागौर)।
समीपवर्ती ग्राम शिव में छात्रा के आत्महत्या प्रकरण में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शिक्षकों ने छात्रा और उसकी सहेली को स्कूल के प्रार्थना सत्र में सोमवार को तमाम विद्यार्थियों के सामने लज्जित किया। सार्वजनिक तौर पर हुए इस अपमान से आहत होकर छात्रा सजना कुमावत ने आत्महत्या सरीखा कठोर कदम उठाया। प्रारंभिक पड़ताल में यह तथ्य उजागर हुआ है।
jaipurशिक्षा विभाग एवं पुलिस ने गुरूवार को इस मामले में स्कूल स्टाफ और अन्य के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि उन्हें फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्रारंभिक पड़ताल के आधार पर शनिवार को सजना अपनी एक सहेली के साथ स्कूल के पास ही स्थित मंदिर की दिशा में रवाना हुई। प्रधानाचार्य हरदेव अणदा ने उन्हें जाते देखा।
इस पर उन्होंने संविदाकर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर बजरंग चौधरी को फोन किया। उसे दोनों छात्राओं को तुरंत स्कूल लेकर आने के निर्देश दिए। कुछ देर बाद मोटरसाइकिल पर शिक्षक किशनलाल चौधरी उन्हें लेने पहुंचे। सोमवार को स्कूल खुला तो दोनों छात्राओं को प्रार्थना सत्र में सबके सामने फटकार लगाने के साथ ही लज्जित किया गया। इससे सजना आहत हुई और उसने कुएं में छलांग लगा दी।

बचानी है एक और जान
छात्रा सजना तो आहत होकर जान दे चुकी है। पुलिस एवं प्रशासन के समक्ष अब एक अन्य जान बचाने की चुनौती है। दरअसल सजना ने अपने 'सुसाइड नोट' में अब एक और जान जाने का जिक्र किया है। उसने लिखा है 'कक्षा में बैठे सभी विद्यार्थी भाई होते हैं। इस पर सर की गलतफहमी की वजह से मैं तो कुएं में गिर गई ।

पहले निलम्बन, फिर किया रद्द
विद्यार्थी और ग्रामीण आरोपी शिक्षकों के समर्थन में उतर आए। उन्होंने विद्यालय पर ताला जड़कर तीनों शिक्षकों को निर्दोष्ा बताते हुए प्रदर्शन किया। वहीं छात्रा सजना कुमावत आत्महत्या प्रकरण में उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा अजमेर मंजू दाधीच ने दो शिक्षकों को निलम्बित कर दिया। बाद में निलम्बन रद्द कर दिया गया। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया

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