राजपुरोहित लिम्का बुक ऑफ़ रिकोर्ड में शामिल

- जल चेतना का अनूठा करवा ने कायम की मिशाल 
- देश की सबसे बड़ी साँप सीढ़ी का मिला तमगा 
बाड़मेर 
विकास के पथ पर तेजी से दोड़ते बढ़ाने के शान में एक और तमगा इसके होसले और मान को बढ़ा गया है . बाड़मेर में पिछले दो साल में पानी बचाने की मुहीम में लगे जलदाय विभाग की सीसीडीयू इकाई के आईईसी अनुभाग के कंसल्टेंट अशोक सिंह राजपुरोहित की साँप सीढ़ी को देश की सबसे बड़ी साँप सीढ़ी के लिए लिम्का बुक ऑफ़ रिकोर्ड में शामिल किया गया है . जानकारी के मुताबित देश भर में कुछ अलग कुछ जुदा करने वाले रिकोर्डो को अपने अंदर संजोने वाली लिम्का बुक ऑफ़ रिकोर्ड के लिए हमारी साँप सीढ़ी को चुन लिया गया है . बीते चोबीस जून से जिले भर में जल चेतना की बात और खेल खेल के जरिये देने के मानस से धरा पर उतारी गई साप सीधी देश की सबसे बड़ी साँप सीढ़ी घोषित की गई है . लिम्का बुक ऑफ़ इण्डिया की संपादक विजया घोस मेल के जरिये यह जानकी प्रदान की है की बाड़मेर की साँप सीढ़ी को रिकोर्ड बुक के प्रक्रति अध्याय में शामिल किया जा चुकला है और यह रिकोर्ड बुक लिम्का बुक ऑफ़ रिकोर्ड 2014 नाम से जल्दी ही आएगी . इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 29 जून 2013 रखी गई थी जिसके लिए बाड़मेर के जलदाय विभाग की सीसीडीयू इकाई के आईईसी अनुभाग के कंसल्टेंट अशोक सिंह राजपुरोहित द्वारा आवेदन किया गया था जिसका चयन नए रिकोर्ड के रूप में कर लिया गया है . चयन के बाद सी सी डी यू के आईइसी स्टेट हेड नीरज सक्सेना , बाड़मेर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकक्षंण अभियंता ओ पी व्यास , अधिक्क्ष्ण अभियंता बी एल जाटोल, जलदाय विभाग के अम्रत जैन , लिला राम , विकर्म बोस ,महेश कुमार समेत कई लोगो ने राजपुरोहित को बधाईया दी . 

729 वर्ग पर भारी 900 वर्ग फिट 
राजस्थान सरकार जलदाय विभाग के सीसीडीयू इकाई के आईइसी अनुभाग में कार्यरत आईइसी कंसल्टेट अशोक सिंह इस साँप सीढ़ी के निर्माता है और वह इसे एक अभिनव पहल के साथ साथ बेहद आसानी से लोगो में पानी बचाने का सन्देश देने वाला जरिया बताते है . लिम्का बुक ऑफ़ रिकोर्ड के मुताबित अब तक देश की सबसे बड़ी साँप सीढ़ी 729 वर्ग फिट की है और बाड़मेर में बनी साँप सीढ़ी का क्षेत्रफल 900 वर्ग फिट है . उन्होंने इसका आवेदन लिम्का बुक ऑफ़ रिकोर्ड के लिए भेजा गया था . जिसके इंद्राज की प्रक्रिया शुरू के बाद इसे देश की सबसे बड़ी साँप सीढ़ी घोषित किया गया है . देश बरसो से पानी का अपव्यय बड़ी समस्या चुनोती के रूप में है और इसे में खेल खेल में जल बचत का सन्देश दे रही यह साँप सीढ़ी ख़ास बन पड़ी है अपने सन्देश और आपने आकर के चलते . अब जब इस साँप सीढ़ी के साथ देश की सबसे बड़ी साँप सीढ़ी का तमगा जुड़ गया है तो आम जनता में इस साँप सीढ़ी के जरिये जल बचत का सन्देश संप्रेषित करना एक और ख़ास आधार बन जायेगा

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